Hardoi : बांस-बल्ली और पेड़ों के सहारे लटक रहे बिजली के तार, हरपालपुर कस्बे में बड़े हादसे का डर
हरपालपुर कागजों में भले ही ग्राम पंचायत हो, लेकिन यहां लगातार नए मोहल्ले बनते जा रहे हैं। साल 2018 में सौभाग्य योजना के जरिए बिजली विभाग ने कुछ नए इलाकों में खंभे लगाकर प्लास्टिक की सुरक्षित केबल डाली थी। इसके बावजूद, कस्बे के तेजी से बढ़ते दायरे के कारण अब
Report : अभिषेक त्रिवेदी
पलिया बिजली उपकेंद्र के तहत आने वाले हरपालपुर कस्बे में बिजली की सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा बांस-बल्ली और पेड़ों के सहारे चल रहा है। घरों तक रोशनी पहुंचाने के लिए बिछाया गया केबल तारों का यह कामचलाऊ जाल कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना की वजह बन सकता है। कस्बे के अलग-अलग इलाकों में बिजली के तार पेड़ों और बल्लियों पर झूलते साफ देखे जा सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली विभाग इस खतरनाक समस्या को जानते हुए भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
हरपालपुर कागजों में भले ही ग्राम पंचायत हो, लेकिन यहां लगातार नए मोहल्ले बनते जा रहे हैं। साल 2018 में सौभाग्य योजना के जरिए बिजली विभाग ने कुछ नए इलाकों में खंभे लगाकर प्लास्टिक की सुरक्षित केबल डाली थी। इसके बावजूद, कस्बे के तेजी से बढ़ते दायरे के कारण अब भी कई मोहल्लों में बिजली के खंभों की भारी कमी है।
इन नए बसे इलाकों में लोग अपने घरों तक बिजली कनेक्शन ले जाने के लिए मजबूरन बांस-बल्ली और पेड़ों का सहारा ले रहे हैं, जिससे अक्सर तार टूटने की घटनाएं होती रहती हैं। इसके अलावा, कस्बे में बंदरों के उत्पात के कारण भी ये कमजोर केबल टूट जाते हैं, जिससे बिजली सप्लाई तो ठप होती ही है, साथ ही करंट लगने का खतरा भी बना रहता है। इस मामले में पलिया बिजली उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर एसके चंद्रा ने बताया कि जल्द ही पूरे इलाके की जांच कराई जाएगी और जरूरत के अनुसार नए खंभे लगाने की व्यवस्था कर समस्या को दूर किया जाएगा।
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