हरदोई। अन्तर्राष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस एवं राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत गुरुवार को सम्भागीय कृषि परीक्षण एवं प्रदर्शन केन्द्र, बिलग्राम चुंगी, हरदोई में एक दिवसीय किसान मेला, कृषि ज्ञान संगोष्ठी एवं जनपद स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आबकारी एवं मद्य निषेध विभाग नितिन अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं अन्य संबंधित विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल और प्रदर्शनी का अतिथियों ने अधिकारियों एवं किसानों के साथ अवलोकन किया। स्टॉलों के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों और खेती में उत्पादकता बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई।
- किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर
मुख्य अतिथि नितिन अग्रवाल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। किसानों को इन योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान मेले का उद्देश्य किसानों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना और उन्हें नवीन कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है।
उन्होंने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, उनके जीवन स्तर में सुधार करना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पात्र महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना आवश्यक है।
- स्वयं सहायता समूहों से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सिलाई, कढ़ाई, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और लघु उद्योग जैसे क्षेत्रों में महिलाएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
ब्लॉक प्रमुख बावन ने कहा कि किसान गोष्ठी का प्रमुख उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करना, कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाना और उनकी आय में वृद्धि के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने हेतु प्रेरित करना है। उन्होंने किसानों से कृषि लागत कम करने और नवीन कृषि तकनीकों का उपयोग करने की अपील की।
- मृदा स्वास्थ्य और फसल विविधीकरण की दी जानकारी
उप कृषि निदेशक/उप कृषि निदेशक (शोध) डॉ. राजेश कुमार ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवीन कृषि पद्धतियों और शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक प्रयोग, उन्नतशील बीजों का चयन, फसल विविधीकरण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, कृषि यंत्रीकरण और फसल अवशेष प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे कृषि विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी प्राप्त कर वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाएं, जिससे उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
- कृषि विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र हरदोई एवं सण्डीला के वैज्ञानिक, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी, सदर प्रभारी, भूमि परीक्षण प्रयोगशाला हरदोई के प्रभारी, शोध केंद्र हरदोई के प्रभारी, एनएएफएसएम सलाहकार, कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
किसान मेले एवं कृषि ज्ञान संगोष्ठी के माध्यम से किसानों को रबी फसलों की बेहतर तैयारी, आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।