हरदोई में बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे सांसद और विधायक, राहत शिविरों में बांटी दवाएं और भोजन सामग्री
हरदोई के सवायजपुर में बाढ़ प्रभावित गांवों का सांसद जय प्रकाश रावत और विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह ने दौरा किया। राहत शिविरों में भोजन और दवाएं वितरित कीं।
हरदोई। जनपद के सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बाढ़ के पानी से घिरे ग्रामीण अंचलों में आम जनजीवन को सामान्य बनाने और पीड़ितों को तात्कालिक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से सघन राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं। क्षेत्रीय सांसद जय प्रकाश रावत और सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर साण्डी विकास खंड के बाढ़ग्रस्त गांवों का व्यापक दौरा किया।
जनप्रतिनिधियों ने ग्राम खिम्मापुर, तेरा पुरसौली, उमरौली जैतपुर, मंसूरपुर तथा लालपुर हैदराबाद सहित कई मजरों में पहुंचकर जलभराव के बीच जीवनयापन कर रहे ग्रामीणों से प्रत्यक्ष संवाद किया और उनकी कठिनाइयों व प्राथमिक आवश्यकताओं की जानकारी ली।
दौरे के क्रम में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला खिम्मापुरवा तथा उमरौली जैतपुर में स्थापित बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचे। वहां उन्होंने विस्थापित और प्रभावित परिवारों को तैयार भोजन के पैकेट, राशन किट और प्राथमिक स्वास्थ्य रक्षा से जुड़ी आवश्यक दवाएं वितरित कराईं।
प्रतिनिधियों ने संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को ढांढस बंधाते हुए आश्वस्त किया कि शासन-प्रशासन की ओर से राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और अंतिम व्यक्ति तक सहायता सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमों को निर्देशित किया गया कि वे जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए क्लोरीन की गोलियों और जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखें।
इस मौके पर उपजिलाधिकारी शिवानी सिंह, तहसीलदार सौरभ सिंह, नायब तहसीलदार राजेश पटेल, आर.के. यादव और खंड विकास अधिकारी अस्मिता सेन सहित राजस्व, पंचायती राज तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण दल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के पानी के स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी स्तर पर जनसामान्य को असुविधा का सामना न करना पड़े।
Also Click : UP News: यूपी में भूजल संरक्षण की बड़ी पहल! कानपुर-प्रयागराज के बीच मिली 200 KM लंबी भूमिगत प्राचीन नदी
What's Your Reaction?







