हाथरस में जलभराव रोकने के लिए सड़कों पर उतरे डीएम अतुल वत्स, नालों की सफाई और अतिरिक्त पंप लगाने के दिए निर्देश
हाथरस के जिलाधिकारी अतुल वत्स ने शहर के प्रमुख नालों और जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया। जलभराव रोकने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।
हाथरस जिले में मानसून और भारी बारिश के समय होने वाली जलभराव की गंभीर समस्या से नागरिकों को निजात दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी गई है। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने स्वयं नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख नालों, जल निकासी केंद्रों और प्रभावित होने वाले मुख्य रिहाइशी इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने शहर के खाती खाना, गणेशगंज ड्रेनेज, ढकपुरा मार्ग, आगरा मार्ग, सरस्वती इंटर कॉलेज के आस-पास का क्षेत्र, आवास विकास कॉलोनी और स्टेट बैंक कॉलोनी सहित कई संवेदनशील स्थानों का गहन जायजा लिया और वहां मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर ही जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।
इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य नालों से पानी का बहाव और जल निकासी की व्यवस्था अधिकांश स्थानों पर संतोषजनक पाई गई। हालांकि, व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारी ने मातहतों को निर्देशित किया कि मुख्य नालों से मिलने वाली छोटी नालियों के मुहाने पर लोहे की मजबूत जाली लगाई जाए, ताकि प्लास्टिक और अन्य ठोस कूड़ा बड़े नालों में जाकर उन्हें चोक न कर सके। इसके साथ ही उन्होंने तालाब चौराहा स्थित मुख्य पंपिंग स्टेशन की ड्रेनेज लाइन की तत्काल प्रभाव से सिल्ट सफाई कराने के आदेश दिए। आवास विकास कॉलोनी के भ्रमण के दौरान एक पुलिया क्षतिग्रस्त मिली, जिससे पानी का रास्ता रुका हुआ था। जिलाधिकारी ने इस पुलिया की तुरंत मरम्मत कराने और वहां फंसे कचरे को अविलंब हटाने के लिए नगर पालिका के अधिकारियों को पाबंद किया।
शहरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली स्टेट बैंक कॉलोनी में निचले स्तर के कारण जलभराव की सबसे अधिक आशंका बनी रहती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वहां तत्काल अतिरिक्त हाई-पावर पंप सेट स्थापित किए जाएं ताकि बारिश का पानी जमा होते ही उसे तुरंत बाहर खींचा जा सके। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि पूरे शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की नियमित रूप से सफाई होनी चाहिए और नालों से निकाले गए सिल्ट व सड़कों पर जमा कूड़े का तुरंत उठान सुनिश्चित किया जाए।
सफाई व्यवस्था की निरंतर निगरानी के लिए उन्होंने हर वार्ड और संवेदनशील क्षेत्र में प्रशासनिक टीमें तैनात करने की बात कही। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि आम जनता को जलभराव या गंदगी के कारण कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। जल निकासी और स्वच्छता के कार्यों में किसी भी स्तर पर बरती गई ढिलाई या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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