Hathras School News: हाथरस के सरकारी स्कूलों में बदहाली पर फूटा गुस्सा, डीएम को सौंपा ज्ञापन
हाथरस के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और सुधार की मांग को लेकर एडीएचआर ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। जर्जर भवनों की मरम्मत और सफाई पर जोर दिया।
हाथरस जिले के सरकारी स्कूलों में शैक्षिक माहौल और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग को लेकर आवाज उठने लगी है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स संगठन ने जिला प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपा है, जिसमें परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि सभी सरकारी स्कूलों का जमीनी और तकनीकी सर्वे कराकर कमियों को दूर करने की एक निश्चित समयसीमा तय की जाए।
संगठन की ओर से सौंपे गए पत्र में स्कूलों में पीने के साफ पानी, चालू हालत में शौचालय, जर्जर भवनों की तत्काल मरम्मत, पर्याप्त कमरे, डेस्क, बेंच, बिजली और पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा बच्चों के शारीरिक विकास के लिए खेल मैदान और खेल किट उपलब्ध कराने के साथ ही शिक्षकों की कमी पूरी करने की मांग भी रखी गई। छात्रों को मिलने वाले दोपहर के भोजन की गुणवत्ता सुधारने, समय पर ड्रेस, जूते, मोजे और किताबें देने, स्कूल परिसर में नियमित सफाई और पानी निकासी के उचित प्रबंध करने पर विशेष जोर दिया गया।
मांग पत्र में बालिकाओं के लिए विशेष सुविधाओं और दिव्यांग विद्यार्थियों के आने-जाने के लिए स्कूलों में रैंप बनाने की बात कही गई है। संगठन ने प्रत्येक स्कूल में मौजूद सुविधाओं की सार्वजनिक सूची जारी करने, अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण करने और शिकायतों का तय समय में समाधान करने की मांग की। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूल में पढ़ना किसी भी बच्चे के लिए अच्छी शिक्षा पाने में रुकावट नहीं बनना चाहिए। इस दौरान जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल, राजेश वार्ष्णेय, अनिल अग्रवाल, रवि गुप्ता और उद्धव कृष्ण शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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