Jaipur News: बगरू में सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंचे आशुतोष रांका और CJP कार्यकर्ताओं पर हमला, गाड़ियों में तोड़फोड़ 

जयपुर के बगरू स्थित रामपुरा-कंवरपुरा में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे आशुतोष रांका और CJP कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर मारपीट और धक्का-मुक्की हुई।

Aug 21, 2026 - 16:35
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Jaipur News: बगरू में सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंचे आशुतोष रांका और CJP कार्यकर्ताओं पर हमला, गाड़ियों में तोड़फोड़ 
आशुतोष रांका सीजेपी जयपुर 
  • Ashutosh Ranka Attacked in Jaipur: जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा में CJP टीम से मारपीट, स्कूल निरीक्षण को लेकर भारी हंगामा 
  • जयपुर में बड़ा बवाल: सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे आशुतोष रांका और CJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट, गाड़ियों के शीशे तोड़े 
  • जयपुर के बगरू में स्कूल निरीक्षण के दौरान भारी हंगामा, आशुतोष रांका समेत CJP कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट और गाड़ियों में तोड़फोड़

राजस्थान की राजधानी जयपुर के ग्रामीण इलाके बगरू स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में शुक्रवार सुबह सरकारी प्राथमिक स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनके कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना सामने आई है। शिक्षा व्यवस्था और जर्जर भवनों को लेकर चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान के तहत सीजेपी की टीम गांव के स्कूल पहुंची थी, जहां स्थानीय ग्रामीणों और विरोधियों के साथ उनका कड़ा टकराव हो गया। घटना के दौरान वाहनों में तोड़फोड़ किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच में जुट गए हैं। 

जयपुर जिले के बगरू विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रामपुरा-कंवरपुरा गांव में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक आशुतोष रांका के नेतृत्व में एक दल स्थानीय राजकीय प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के लिए पहुंचा। संगठन का दावा था कि स्कूल का भवन जर्जर स्थिति में है और बच्चों को वैकल्पिक रूप से बाड़े अथवा तबेले में पढ़ाया जा रहा है। जैसे ही सीजेपी के कार्यकर्ता गांव की सीमा और स्कूल परिसर के समीप पहुंचे, वहां मौजूद लोगों के एक समूह ने उनका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विरोध तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और कथित मारपीट में बदल गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीजेपी की टीम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए जयपुर के ग्रामीण अंचल में पहुंची थी। सुबह के समय जब टीम रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल की ओर बढ़ रही थी, तब रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया गया। आरोप है कि विरोध कर रही भीड़ ने कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें गांव से बाहर खदेड़ने की कोशिश की। इस दौरान कार्यकर्ताओं के वाहनों पर पथराव और शीशे तोड़े जाने की भी खबरें सामने आईं। घटना के बाद गांव के कुछ लोगों ने स्कूल के मुख्य मार्ग के बाहर धरना शुरू कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात और सामान्य आवागमन भी प्रभावित हुआ। 

घटना के संदर्भ में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे और बयान सामने आए हैं। सीजेपी नेता आशुतोष रांका और पार्टी नेतृत्व ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि यह हमला राजनीतिक रूप से प्रेरित था और स्थानीय असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि वे केवल बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की बदहाली को उजागर करने आए थे।

दूसरी ओर, स्थानीय ग्रामीणों और मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि वे अपने क्षेत्र के स्कूल के मुद्दे पर किसी बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप के पक्ष में नहीं हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि स्कूल भवन के जीर्णोद्धार और निर्माण के लिए शासन स्तर से राशि पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है और वे अपने स्तर पर व्यवस्थाओं को सुधारने में सक्षम हैं। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि पूरे घटनाक्रम के वीडियो फुटेज और बयानों के आधार पर निष्पक्षता से जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

इस घटना के बाद राजस्थान में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और राजनीतिक संगठनों द्वारा किए जा रहे निरीक्षण दौरों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। शिक्षा विभाग के पूर्व निर्देशों और राजनीतिक दलों के अभियानों के बीच टकराव की स्थिति बनने से सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। घटना का असर आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी देखा गया, जहां सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार के तनाव को बढ़ने से रोका जा सके। 

मामले की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है। पुलिस दोनों पक्षों की तरफ से मिलने वाली शिकायतों और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। वहीं सीजेपी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वे शिक्षण संस्थानों की जमीनी हकीकत उजागर करने का अपना अभियान जारी रखेंगे, जबकि प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की है।

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