हाथरस के सासनी आयुर्वेदिक अस्पताल के जीर्णोद्धार की जगी उम्मीद, ₹2.60 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा
हाथरस के सासनी स्थित जर्जर आयुर्वेदिक अस्पताल के दिन बहुरेंगे। 2.60 करोड़ रुपये का जीर्णोद्धार प्रस्ताव शासन को भेजा गया, आयुष मंत्री के निर्देश पर हुई कार्रवाई।
हाथरस के सासनी क्षेत्र स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के दिन जल्द ही बदलने की उम्मीद जगी है। लंबे समय से उपेक्षा और जर्जर अवस्था का दंश झेल रहे इस अस्पताल के समग्र जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण के लिए लगभग 2.60 करोड़ रुपये का विस्तृत वित्तीय व तकनीकी प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। इस सकारात्मक पहल के बाद क्षेत्रीय नागरिकों को जल्द ही सुदृढ़ और आधुनिक स्वास्थ्य ढांचा उपलब्ध होने की आस बंध गई है।
अस्पताल की बदहाल स्थिति और मरीजों को हो रही असुविधाओं को देखते हुए स्थानीय प्रतिनिधि यतेन्द्र शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री को पत्र लिखकर भवन के नए सिरे से निर्माण की पुरजोर मांग उठाई थी। जनहित से जुड़े इस पत्र का त्वरित संज्ञान लेते हुए आयुष मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को मौके की स्थिति परखने और अविलंब प्रभावी कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश दिए। मंत्री के आदेश के अनुपालन में आयुष विभाग के तकनीकी अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 2.60 करोड़ रुपये का आगणन व विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर स्वीकृति हेतु प्रेषित कर दिया।
प्रस्ताव शासन में पहुंचने के उपरांत इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने और वित्तीय स्वीकृति जारी कराने के लिए पुनः अनुरोध किया गया, जिस पर संबंधित मंत्रालय ने अग्रिम औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
विदित हो कि भवन की दयनीय स्थिति के चलते क्षेत्रवासियों को लंबे समय से समुचित आयुर्वेदिक उपचार और स्वास्थ्य परामर्श के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा था। अस्पताल का पुनर्निर्माण होने से क्षेत्र को जहां एक सुसज्जित एवं आधुनिक परिसर मिलेगा, वहीं प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति से इलाज कराने वाले मरीजों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं, दवाएं और परामर्श एक ही छत के नीचे सुलभ हो सकेगा। वर्तमान में समूचे क्षेत्र की निगाहें शासन से मिलने वाली अंतिम प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति पर टिकी हैं।
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