Hathras News: बेटियों के विकास और बाल विवाह की रोकथाम के लिए सिकंदराराऊ में टास्कफोर्स की बैठक, योजनाओं की दी जानकारी
सिकंदराराऊ में ब्लॉक बाल संरक्षण समिति और टास्कफोर्स की बैठक में बाल विवाह रोकने व कन्या सुमंगला जैसी योजनाओं का लाभ बेटियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
हाथरस जिले के विकास खंड सिकंदराराऊ सभागार में ब्लॉक बाल संरक्षण समिति और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा बाल विवाह रोकथाम टास्कफोर्स की बैठक सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बेटियों और महिलाओं के कल्याण से जुड़ी सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना तथा क्षेत्र में बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर पूर्ण विराम लगाना रहा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सभी विभागों के आपसी समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का सीधा लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल और टीवी के अत्यधिक उपयोग से बचाएं और उन्हें बेहतर मार्गदर्शन दें। सहायक विकास अधिकारी पंचायत जीके तोमर और ग्राम्य विकास अधिकारी मोरध्वज उपाध्याय ने गांवों में महिलाओं के स्वयं सहायता समूह गठित करने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए।
महिला कल्याण विभाग की जिला मिशन समन्वयक मोनिका दीक्षित ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना अनिवार्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल सम्मान कोष, 181 महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, बाल श्रम निषेध कानून, स्पॉन्सरशिप व फोस्टर केयर योजना और बाल विवाह रोकथाम अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और 112 आपातकालीन सेवा के बारे में भी बताया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी कल्पना दुबे ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला कल्याण की योजनाओं के अधिक से अधिक आवेदन करवाने और ग्राम स्तर की बैठकों का नियमित विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य और महिला कल्याण विभाग के कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
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