Hardoi: सेवानिवृत्त कर्नल ओपी मिश्र को भावपूर्ण विदाई, शहीदों को नमन कर किया पौधरोपण

कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनकी पहचान केवल उनके पद या वर्दी से नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति

By INA News Desk
Jul 15, 2026 - 13:26  · Updated: Jul 15, 2026 - 21:14
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Hardoi: सेवानिवृत्त कर्नल ओपी मिश्र को भावपूर्ण विदाई, शहीदों को नमन कर किया पौधरोपण
सेवानिवृत्त कर्नल ओपी मिश्र को भावपूर्ण विदाई, शहीदों को नमन कर किया पौधरोपण
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 By Vijay Laxmi Singh (Editor- In- Chief)

हरदोई। कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनकी पहचान केवल उनके पद या वर्दी से नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण से होती है। ऐसे ही गौरवशाली व्यक्तित्व सेवानिवृत्त कर्नल ओपी मिश्र को हरदोई में भावपूर्ण वातावरण के बीच विदाई दी गई। यह अवसर केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि भारतीय सैनिक के त्याग, शौर्य और राष्ट्रप्रेम को नमन करने का प्रेरणादायी क्षण बन गया।

समारोह में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति की आंखों में सम्मान और हृदय में गर्व साफ दिखाई दे रहा था। वक्ताओं ने कहा कि सैनिक भले ही सेवा से सेवानिवृत्त हो जाए, लेकिन उसकी राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा जीवनभर समाज का मार्गदर्शन करती रहती है। कर्नल ओपी मिश्र का सैन्य जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस अवसर पर देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। दो मिनट का मौन रखकर उनके अद्वितीय साहस और बलिदान को याद किया गया। पूरा वातावरण "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" के जयघोष से गूंज उठा, जिसने समारोह को भावनात्मक और गौरवपूर्ण बना दिया।

अपने संबोधन में सेवानिवृत्त कर्नल ओपी मिश्र ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सैनिक की वर्दी भले ही एक दिन उतर जाती है, लेकिन मातृभूमि के प्रति उसका प्रेम और सेवा का संकल्प कभी समाप्त नहीं होता। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, अनुशासन को जीवन का आधार बनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।

समारोह में मौजूद लोगों ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर कर्नल ओपी मिश्र के योगदान को सम्मानित किया। कई वक्ताओं ने उनके सरल स्वभाव, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पित जीवन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सैनिक समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं, जिनके अनुभव और संस्कार नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का दीपक बनते हैं।

यह विदाई समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि देशभक्ति, कृतज्ञता, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत संदेश बनकर सभी के मन में गहरी छाप छोड़ गया। हर उपस्थित व्यक्ति यही महसूस कर रहा था कि राष्ट्र के वीरों का सम्मान केवल समारोहों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। समारोह का संचालन महेश मिश्रा ने किया। पूरे आयोजन का माहौल सम्मान, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से ओत-प्रोत रहा।

इस अवसर पर आप और हम चेतना मंच के संयोजक कमलेश पाठक, उपाध्यक्ष संग्राम सिंह, मेजर अमित प्रियदर्शी, विजयलक्ष्मी सिंह (आईएनए न्यूज़), सहित भारी संख्या में सेना से सेवानिवृत्त हुए जवान, अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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