ECI के खिलाफ विपक्षी गठबंधन की याचिका में प्रक्रियात्मक त्रुटियां, भाजपा नेता संजय सरावगी ने साधा निशाना
INDIA ब्लॉक की सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में 14 आपत्तियां: बिहार के मंत्री संजय सरावगी बोले- पहले अपनी खामियां सुधारें, फिर ECI पर सवाल उठाएं
- INDIA ब्लॉक की सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में 14 आपत्तियां: बिहार के मंत्री संजय सरावगी बोले- पहले अपनी खामियां सुधारें, फिर ECI पर सवाल उठाएं
- सुप्रीम कोर्ट से विपक्ष को झटका: चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका में मिलीं 14 कमियां, संजय सरावगी का तीखा हमला
- होमवर्क पूरा नहीं और संवैधानिक संस्था पर आरोप': INDIA ब्लॉक की याचिका पर रजिस्ट्री की आपत्ति के बाद गरमाई बिहार की सियासत
चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा इस याचिका में 14 प्रक्रियात्मक और तकनीकी आपत्तियां (Defects) चिन्हित किए जाने के बाद सत्तापक्ष ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सरावगी ने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को अपने दस्तावेजों की बुनियादी कमियों को दूर करना चाहिए।
- संजय सरावगी का विपक्षी दलों पर हमला
पटना में पत्रकारों से बातचीत और सार्वजनिक बयान में संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन केवल राजनीतिक माहौल बनाने और अपनी चुनावी विफलताओं का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने के उद्देश्य से बिना तैयारी के अदालत का दरवाजा खटखटाता है। उन्होंने कहा कि देश की शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में 14 बुनियादी गलतियों का पाया जाना यह दर्शाता है कि विपक्ष का इरादा गंभीर कानूनी सुधार का नहीं, बल्कि केवल मीडिया में सुर्खियों में बने रहने का है।
सरावगी ने कहा कि जब भी चुनाव परिणाम विपक्ष के अनुकूल नहीं आते, तो वह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने लगता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो दल अपनी कानूनी अर्जी ठीक से तैयार नहीं कर सकते, वे पूरे देश की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
- सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की प्रक्रियात्मक आपत्तियां
अदालती प्रक्रिया के तहत जब भी कोई याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की जाती है, तो रजिस्ट्री उसकी तकनीकी जांच करती है। इसमें हलफनामे, दस्तावेजों के क्रम, कानूनी प्रावधानों और प्रारूप की जांच की जाती है। यदि कोई तकनीकी त्रुटि या आवश्यक दस्तावेज अधूरा पाया जाता है, तो रजिस्ट्री उसे आपत्ति (Defect) के रूप में दर्ज करती है और याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं को उसे दुरुस्त करने का निर्धारित समय दिया जाता है।
INDIA ब्लॉक से जुड़े दलों की ओर से दायर याचिका में भी रजिस्ट्री द्वारा 14 ऐसी ही आपत्तियां लगाई गई हैं, जिन्हें दूर किए बिना मामले की नियमित सुनवाई खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध नहीं की जा सकती।
विपक्षी दलों के कानूनी प्रतिनिधियों के अनुसार, किसी भी बड़ी और बहुपक्षीय याचिका में रजिस्ट्री द्वारा आपत्तियां दर्ज किया जाना एक सामान्य प्रक्रियात्मक कदम है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि आपत्तियों का निवारण (Curing of Defects) तय समय सीमा में किया जा रहा है और उनका मूल मुद्दा चुनाव आयोग की पारदर्शिता, मतदाता सूची के सत्यापन और निष्पक्ष चुनाव संचालन से जुड़ा है, जिस पर वे न्यायिक समीक्षा की मांग जारी रखेंगे।
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