'जिस दिन न्याय नहीं कर पाऊंगा, इस्तीफा दे दूंगा', अलीगढ़ SSP नीरज जादौन के समर्थन में क्यों एकजुट हुआ समाज? बेदाग छवि की हर जगह चर्चा
अलीगढ़ के एसएसपी आईपीएस नीरज कुमार जादौन के समर्थन में जनता और पूर्व न्यायाधीश खुलकर सामने आए हैं। जानिए उनके करियर और बिजनौर-हापुड़ कार्यकाल के बड़े काम।
- IPS Neeraj Jadaun: अलीगढ़ एसएसपी के समर्थन में उतरी जनता और बुद्धिजीवी, जानिए पूर्व पोस्टिंग से लेकर उनके बड़े फैसलों की पूरी कहानी
- Aligarh SSP Neeraj Kumar Jadaun: सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच एसएसपी नीरज जादौन के पक्ष में जनसमर्थन, बिजनौर से हापुड़ तक बेदाग छवि की चर्चा
- IPS Neeraj Jadaun News: अलीगढ़ एसएसपी नीरज जादौन के समर्थन में पूर्व न्यायाधीश और आम नागरिक आए आगे, सोशल मीडिया पर मिला भारी समर्थन
उत्तर प्रदेश कैडर के 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नीरज कुमार जादौन के समर्थन में समाज का प्रबुद्ध वर्ग और आम नागरिक खुलकर सामने आए हैं। हाल ही में अलीगढ़ के एक प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर असमाजिक तत्वों द्वारा की गई अनुचित टिप्पणियों और ट्रोलिंग के बीच, आईपीएस नीरज जादौन की कर्तव्यनिष्ठा और बेदाग कार्यशैली की सराहना हो रही है। पूर्व न्यायाधीश एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी मनोज कुमार सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अधिकारी के नैतिक साहस का समर्थन करते हुए कानून के राज को बनाए रखने में उनके योगदान को सराहा है।
एसएसपी के बयान और ट्रोलिंग पर उपजा जनसमर्थन
अलीगढ़ जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े और निष्पक्ष कदम उठाने वाले एसएसपी नीरज कुमार जादौन को हालिया दिनों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर निशाना बनाने का प्रयास किया गया। इस ट्रोलिंग के जवाब में आईपीएस अधिकारी ने अत्यंत भावुक और दृढ़ता भरा संदेश साझा करते हुए कहा कि वे अपने कार्य को पूरे समर्पण और जुनून के साथ करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कभी उन्हें ऐसा लगा कि वे अपनी जिम्मेदारी और न्याय के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं, तो वे बिना एक क्षण गंवाए पद से त्यागपत्र दे देंगे। उनके इस साहसिक और ईमानदार बयान के बाद प्रदेश भर से प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और न्यायपालिका से जुड़े लोगों ने उनके पक्ष में आवाज उठाई।
एसएसपी नीरज जादौन का संदेश "मैं अपने काम को पूरे जुनून के साथ करता हूँ। जिस दिन मुझे लगेगा कि मैं अपनी नौकरी के साथ न्याय नहीं कर रहा, वह आखिरी दिन होगा। मैं उसी दिन बिना एक क्षण सोचे इस्तीफा दे दूंगा। मैं भी एक इंसान हूँ।"
क्यों हो रही है अधिकारी के नैतिक बल की सराहना?
सोशल मीडिया पर पुलिसिंग और कानून के पालन को लेकर कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा चलाए गए भ्रामक अभियानों के बावजूद आम जनता का विश्वास अधिकारी के प्रति अडिग दिखा। नगीना से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी एवं पूर्व न्यायाधीश मनोज कुमार ने एक भावुक और सशक्त पोस्ट के माध्यम से अधिकारी का हौसला बढ़ाया। उन्होंने लिखा कि नीरज जादौन जैसे अधिकारी आज के दौर में दुर्लभ हैं, जिनकी मौजूदगी की वजह से समाज में न्याय की गरिमा और कानून का इकबाल जिंदा है। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रशासनिक दबावों के आगे झुके बिना जनता के हित में निर्णय लेना ही एक सच्चे लोकसेवक की पहचान है।
पूर्व न्यायाधीश मनोज कुमार की प्रतिक्रिया "आप जैसे कुछ ही पुलिस अधिकारियों की वजह से समाज में कानून का इकबाल ज़िंदा है। बिजनौर से लेकर अलीगढ़ तक आपके द्वारा किए गए निष्पक्ष निर्णयों को जनता आज भी याद करती है। आपका मनोबल कभी नहीं टूटना चाहिए, पूरा समाज आपके साथ खड़ा है।"
आईपीएस नीरज कुमार जादौन का करियर ट्रैक रिकॉर्ड और पिछली पोस्टिंग
1. दिल्ली दंगे के दौरान अदम्य साहस (गाजियाबाद कार्यकाल) आईपीएस नीरज कुमार जादौन जब गाजियाबाद में एसपी देहात के पद पर तैनात थे, तब वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र में गोलीबारी और पथराव के बीच सीधे मोर्चा संभाला था। अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने दंगाई भीड़ को उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने से रोक दिया था, जिसकी सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हुई थी।
2. हापुड़ में 'खाकी' के प्रति जनता का विश्वास (हापुड़ पुलिस अधीक्षक कार्यकाल) हापुड़ के एसपी रहते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था को मजबूत किया और माफियाओं के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। उनके कार्यकाल में पुलिसिंग को जनोन्मुखी बनाया गया, जहां गरीब और पीड़ित व्यक्ति सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रख सकता था। उन्होंने पुलिसकर्मियों के अनुशासन और वेलफेयर पर भी विशेष कार्य किया।
3. बिजनौर में निष्पक्षता और सख्त कानून-व्यवस्था (बिजनौर पुलिस अधीक्षक कार्यकाल) बिजनौर में पुलिस कप्तान के रूप में उनकी तैनाती को आज भी वहां की जनता याद करती है। बिजनौर में उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की, अवैध नशा कारोबारियों के नेटवर्क को ध्वस्त किया और पारदर्शी जनसुनवाई प्रणाली स्थापित की। जनता के बीच उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में बनी जो किसी राजनीतिक या गैर-वाजिब दबाव के आगे नहीं झुकता।
4. अलीगढ़ में अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय (वर्तमान एसएसपी कार्यकाल) अलीगढ़ जिले का प्रभार संभालने के बाद एसएसपी नीरज जादौन ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के विरुद्ध अभियान छेड़ा। लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, महिला सुरक्षा और थाने स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सख्त कार्यशैली ने जिले में अपराध ग्राफ को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई है।
जनता और बुद्धिजीवियों का मिला साथ
आईपीएस नीरज जादौन के समर्थन में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक जन-अभियान देखा जा रहा है। अलीगढ़, बिजनौर और हापुड़ के स्थानीय निवासियों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा कि एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को बिना वजह निशाना बनाना अनुचित है। लोगों का कहना है कि जब कोई अधिकारी बिना भेदभाव के कानून लागू करता है, तो गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त तत्वों को असहजता होती है, जिसके चलते वे अनर्गल आरोप लगाने लगते हैं।
पुलिस बल और समाज के बीच बढ़ा विश्वास
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि निष्पक्ष और ईमानदार पुलिसिंग के साथ समाज का बहुसंख्यक वर्ग हमेशा खड़ा रहता है। सोशल मीडिया पर मिले इस अपार जनसमर्थन से निष्पक्ष कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ा है। आम जनता के बीच यह संदेश स्पष्ट रूप से गया है कि पारदर्शी और निर्भीक नेतृत्व ही पुलिस व्यवस्था की साख को मजबूत बनाता है।
कानून का राज और सुदृढ़ पुलिसिंग जारी
एसएसपी अलीगढ़ नीरज कुमार जादौन के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन बिना किसी पूर्वाग्रह और दबाव के कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के अपने संकल्प पर आगे बढ़ रहा है। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए नियमित गश्त, जनसुनवाई और आधुनिक सर्विलांस का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
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