Kanpur Crime News: विनीत मिनाेचा हत्याकांड में नया खुलासा, वारदात वाली रात नौकर विशाल ने बेटे को किए थे 6 फोन, ऐसे फेल हुई साजिश
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनाेचा हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान नौकर विशाल की कॉल हिस्ट्री से बड़ा खुलासा हुआ है। वारदात की रात उसने बेटे सुब्रत को 6 बार फोन किया था।
- Kanpur Crime News: विनीत मिनाेचा हत्याकांड में नया खुलासा, वारदात वाली रात नौकर विशाल ने बेटे को किए थे 6 फोन, ऐसे फेल हुई साजिश
- कानपुर दवा कारोबारी मर्डर केस: बेटे सुब्रत को भी ठिकाने लगाने की थी तैयारी? कॉल डिटेल रिकॉर्ड से सामने आई नौकर की खतरनाक साजिश
- विनीत मिनाेचा मर्डर केस: कत्ल के बाद आधी रात नौकर ने व्यापारी के बेटे को लगातार क्यों मिलाया फोन, पुलिस जांच में खुली खौफनाक परतें
- Kanpur News: कारोबारी विनीत हत्याकांड में नौकर विशाल की पूरी प्लानिंग उजागर, 6 बार रिंग होने के बावजूद बच गया बेटा सुब्रत
कानपुर। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनाेचा हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस और सर्विलांस टीम के हाथ बेहद चौंकाने वाले तथ्य लगे हैं। पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि वारदात वाली रात मुख्य आरोपी नौकर विशाल ने केवल विनीत मिनाेचा को ही अपना शिकार बनाने की योजना नहीं बनाई थी, बल्कि उसके निशाने पर कारोबारी का बेटा सुब्रत भी था। पुलिस को मिले कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से यह स्पष्ट हुआ है कि वारदात को अंजाम देने के कुछ ही देर बाद नौकर ने विनीत के बेटे सुब्रत को एक के बाद एक लगातार 6 बार फोन किया था। हालांकि, उस समय फोन रिसीव न होने की वजह से नौकर की आगे की खतरनाक साजिश धरी की धरी रह गई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यदि उस रात सुब्रत फोन उठा लेता या नौकर के बुलावे पर घटनास्थल पर पहुंच जाता, तो शायद इस हत्याकांड का दायरा और अधिक खौफनाक हो सकता था। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम को हत्या, लूट और संभावित रूप से पूरे परिवार को निशाना बनाने की सोची-समझी साजिश के कोण से जोड़कर देख रही है।
- वारदात वाली रात क्या हुआ था? कॉल डिटेल से खुला राज
पुलिस द्वारा खंगाले गए सर्विलांस और मोबाइल नेटवर्क डेटा के अनुसार, जिस रात दवा कारोबारी विनीत मिनाेचा की उनके आवास पर गला रेतकर नृशंस हत्या की गई, उस रात आरोपी नौकर विशाल बेहद सक्रिय था। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि विनीत की हत्या करने के बाद आरोपी ने रात के अंधेरे में कारोबारी के बेटे सुब्रत के मोबाइल नंबर पर ताबड़तोड़ छह मिस्ड कॉल किए।
जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी नौकर सुब्रत को किसी बहाने से पिता के कमरे या घर पर बुलाना चाहता था। उस समय सुब्रत दूसरे कमरे में सो रहा था या किसी काम में व्यस्त था, जिसके चलते उसने लगातार बज रही घंटी पर ध्यान नहीं दिया और फोन रिसीव नहीं हुआ। जब कई प्रयासों के बाद भी सुब्रत ने कॉल का कोई जवाब नहीं दिया, तो नौकर घबरा गया। उसे लगा कि यदि अधिक देर रुका तो भेद खुल जाएगा, जिसके बाद वह घर में रखे नकदी, जेवरात और अन्य कीमती सामान समेटकर मौके से फरार हो गया।
- क्यों बेटे को फोन कर रहा था आरोपी नौकर? पुलिस के दो मुख्य सिद्धांत
पुलिस की जांच टीम नौकर द्वारा सुब्रत को किए गए छह फोन कॉल्स को लेकर दो प्रमुख थ्योरी पर काम कर रही है:
सबूत मिटाने और दूसरे शिकार की योजना: पहली आशंका यह जताई जा रही है कि नौकर विशाल पिता की हत्या के बाद बेटे को भी रास्ते से हटाना चाहता था, ताकि घर में मौजूद पूरी दौलत पर बिना किसी रुकावट के हाथ साफ किया जा सके और घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी न बचे। यदि सुब्रत फोन सुनकर आता तो शायद आरोपी उस पर भी धोखे से हमला कर देता।
गुमराह करने का दिखावा: दूसरी संभावना यह भी तलाशी जा रही है कि क्या नौकर किसी आपात स्थिति का नाटक रचकर बेटे के सामने खुद को निर्दोष दिखाने और घटना को किसी बाहरी गिरोह का हमला साबित करने का स्वांग रचना चाहता था। हालांकि, घटनास्थल से नकदी लेकर भागने का उसका तरीका इस बात की ओर अधिक इशारा करता है कि उसकी नीयत पूरी तरह आपराधिक थी।
- फॉरेंसिक साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज की कड़ियां जुड़ीं
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स, खून के धब्बे और संघर्ष के कई अहम वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए हैं। इसके अलावा आसपास के रास्तों और कारोबारी के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी गहनता से जांच की गई है। फुटेज में आरोपी नौकर संदिग्ध परिस्थितियों में भागता हुआ नजर आया है।
इलाके के लोगों और कारोबारी के परिचितों से हुई पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी विशाल पिछले कुछ समय से घर के अंदर की गतिविधियों, विनीत के कारोबारी लेन-देन और नकदी के आवागमन पर पैनी नजर रख रहा था। उसने वारदात के लिए ऐसा समय चुना जब घर में सुरक्षा व्यवस्था न्यूनतम थी और कारोबारी अकेले अपने कमरे में थे।
- घरेलू सहायकों के सत्यापन पर पुलिस की सख्ती
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने एक बार फिर महानगरों में बिना पुलिस सत्यापन (पुलिस वेरिफिकेशन) के रखे जाने वाले घरेलू नौकरों और सहायकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विनीत मिनाेचा के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और व्यापारिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन से आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के आला अधिकारियों का कहना है कि सर्विलांस, क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाने की कई संयुक्त टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मोबाइल टॉवर लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स और परिजनों से मिले इनपुट्स के आधार पर आरोपी के बेहद करीब पहुंचा जा चुका है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द आरोपी को सलाखों के पीछे भेजकर इस पूरी साजिश का औपचारिक पर्दाफाश किया जाएगा।
What's Your Reaction?







