Lucknow : खनन विभाग द्वारा राजस्व प्रबंधन एवं कार्मिक क्षमता विकास के लिए किये जा रहे प्रयास
अन्य राज्यों से प्रदेश में आने वाले खनिजों के संबंध में कहा गया है कि किया गया है कि संबंधित राज्य के परिवहन प्रपत्र जारी होने के समय ही उत्तर प्रदेश राज्य सरकार को आईएसटीपी की धनरा
- राजस्व वृद्धि के लिए खनन विभाग का बड़ा कदम, जवाबदेही तय
- राजस्व बढ़ाने के लिए नोडल अधिकारी किये नामित , खनन विभाग में पारदर्शिता पर जोर
- नई तकनीक व राष्ट्रीय प्रशिक्षण से खनन विभाग की कार्यक्षमता में होगा इजाफा - माला श्रीवास्तव
लखनऊ : सचिव व निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश माला श्रीवास्तव ने बताया कि खनन विभाग द्वारा राजस्व प्रबंधन को सुदृढ़ करने तथा विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर पहल की जा रही है,इस हेतु उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियो को व्यापक दिशा निर्देश दिये हैं। शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मदों से प्राप्त होने वाले राजस्व के देयता विश्लेषण हेतु माला श्रीवास्तव द्वारा निदेशालय स्तर पर मदवार नोडल अधिकारियों को नामित किये गये हैं, साथ ही प्रदेश के क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत आने वाले जनपदों में राजस्व प्राप्ति की गहन समीक्षा के लिए भी नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये हैं।
अन्य राज्यों से प्रदेश में आने वाले खनिजों के संबंध में कहा गया है कि किया गया है कि संबंधित राज्य के परिवहन प्रपत्र जारी होने के समय ही उत्तर प्रदेश राज्य सरकार को आईएसटीपी की धनराशि जमा करायी जाये, जिससे राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त विभागीय अधिकारियों की क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से विभिन्न राज्यों एवं राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। अवैध रेत खनन की निगरानी में उपयोग की जा रही आईटी एवं आईओटी आधारित प्रणालियों के अध्ययन हेतु विभागीय टीम को गुजरात भेजा गया, जबकि ऑनलाइन मार्केट सिस्टम की कार्यप्रणाली के अध्ययन के लिए तेलंगाना में अध्ययन दल भेजा गया।
इन राज्यो से प्राप्त अनुभवो का उपयोग उत्तर प्रदेश के खनन राजस्व मे बढ़ोत्तरी व खनन मे पारदर्शिता व निगरानी के लिए किया जा रहा है,साथ ही खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय खनिज चिंतन शिविर, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा आयोजित केंद्रीय जियोलॉजिकल प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक तथा छत्तीसगढ़ में आयोजित केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में भी विभागीय अधिकारियों ने सहभागिता कर महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किये हैं।
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