लखनऊ के फैजुल्लागंज में जलभराव पर एक्शन में सरकार, प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
लखनऊ के फैजुल्लागंज में जलभराव का जायजा लेने पहुंचे प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना। जलनिकासी, राशन, दवा छिड़काव और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा के चलते उपजी जलभराव की समस्या से नागरिकों को निजात दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रभावित बस्तियों का स्थलीय मुआयना कर चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत परखी।

उन्होंने संबंधित विभागों को दो-टूक निर्देश दिए कि पानी निकालने की गति बढ़ाई जाए और संकट में घिरे प्रत्येक परिवार तक सहायता बिना किसी बाधा के पहुंचाई जाए। प्राकृतिक आपदा के इस दौर में नागरिकों को सुरक्षित रखना और उन्हें तत्परता से बुनियादी साधन उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है।

प्रभारी मंत्री ने प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच पिछले पखवाड़े से अधिक समय से मैदान में डटे नगर निगम के अधिकारियों, जनसेवकों और राहत दलों के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अमले की सतत निगरानी से सड़क, पेयजल और जलजमाव की दिक्कतों को चरणबद्ध तरीके से सुलझाया जा रहा है।

अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि हर बस्ती में शुद्ध पेयजल और राशन की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे। साथ ही जलभराव के बाद संक्रामक रोगों के फैलाव को रोकने के लिए व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने, कीटनाशक रसायनों के छिड़काव और नियमित फॉगिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। राहत कार्यों में सामाजिक दायित्व निभा रही संस्थाओं और स्वयंसेवकों के सहयोग को भी उपयोगी बताया गया।

क्षेत्र से पानी की पूर्ण निकासी में आगामी तीन से चार दिनों का समय लगने का अनुमान है, जिसके बाद भी स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक लगभग दस से बारह दिनों तक सफाई, स्वास्थ्य और पुनर्वास का सघन अभियान जारी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हवाई सर्वेक्षण कर दिए गए निर्देशों और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा मौके पर पहुंचकर दिए गए भरोसे का उल्लेख करते हुए प्रभारी मंत्री ने दोहराया कि संकट की इस घड़ी में शासन नागरिकों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। जब तक जनजीवन पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट आता, तब तक राहत व पुनर्वास के हर मोर्चे पर मुस्तैदी बनी रहेगी।
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