मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: अगली किस्त के लिए बैंक खातों में आधार सीडिंग और डीबीटी जरूरी, विभाग ने जारी किए निर्देश
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की द्वितीय किस्त पाने के लिए बच्चों के बैंक खाते में आधार लिंक और डीबीटी-एनपीसीआई मैपिंग अनिवार्य कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से लाभान्वित हो रहे बच्चों को वित्तीय सहायता की दूसरी किस्त निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हरदोई में योजना के आधिकारिक पोर्टल के जरिए दी जाने वाली सहायता राशि सीधे बच्चों के बैंक खातों में आधार आधारित प्रणाली से भेजी जाएगी। ऐसे में सभी लाभार्थियों के एकल या संयुक्त बैंक खातों का आधार से जुड़ा होना, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) सक्रिय होना तथा भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से मैप होना अनिवार्य किया गया है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी के अनुसार, महामारी प्रभावित विशेष वर्ग के बच्चों के साथ-साथ सामान्य वर्ग के पात्र बच्चों की आगामी किस्त का भुगतान इसी डिजिटल व्यवस्था के तहत सुनिश्चित किया जाएगा। शासन की मंशा है कि आर्थिक सहायता सीधे वास्तविक लाभार्थी के खाते में बिना किसी बिचौलिए या रुकावट के पहुंचे। इसके लिए बैंक खातों का तकनीकी सत्यापन जरूरी है।
विभागीय स्तर पर सभी लाभार्थियों के अभिभावकों और संरक्षकों से अपील की गई है कि वे संबंधित बैंकों में जाकर बच्चों के नाम से संचालित खाते अथवा संयुक्त खाते में आवश्यक प्रक्रिया तुरंत पूरी कराएं। खाता सक्रिय न होने अथवा डीबीटी और एनपीसीआई मैपिंग न होने की दशा में सहायता राशि के अंतरण में तकनीकी रुकावट आ सकती है। सभी औपचारिकताएं समय पर पूर्ण होते ही शासन द्वारा निर्धारित धनराशि सीधे खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी।
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