Lucknow : 09 एवं 10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 624 पदों के लिए 4.64 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल

पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोग द्वारा अभिनव प्रयोग के रूप में लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक पाली की परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद अभ्यर्थियों द्वारा प्रयुक्त

By INA News Desk
May 8, 2026 - 21:57
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Lucknow : 09 एवं 10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 624 पदों के लिए 4.64 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल
Lucknow : 09 एवं 10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 624 पदों के लिए 4.64 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल

  • 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर पूरी हुईं तैयारियां, एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी में होगी परीक्षा
  • इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से होगी सभी केंद्रों की मॉनिटरिंग, प्रत्येक जनपद में नियुक्त किए गए विशेष प्रेक्षक
  • जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी करेंगे परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण, परीक्षा केंद्रों के आसपास लागू रहेगी निषेधाज्ञा
  • नकल माफियाओं और परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
  • अनुचित साधनों के प्रयोग पर सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत होगी कार्रवाई
  • लखनऊ मंडल के 10 केंद्रों पर शुरू होगा ओएमआर स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट
  • पारदर्शिता और शुचिता बढ़ाने के लिए अभिनव प्रयोग, परीक्षा कक्ष में ही होगी ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग
  • अफवाहों से बचें, आयोग की वेबसाइट और आधिकारिक एक्स हैंडल पर करें भरोसा

प्रयागराज / लखनऊ। उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों हेतु लिखित परीक्षा का आयोजन 09 एवं 10 मई 2026 को किया जाएगा। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। योगी सरकार की पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा नीति के अनुकूल सभी तैयारियां की गई हैं। 

आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार  ने 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संबंधी तैयारियां पूर्ण कर ली गईं हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित कर जिला कंट्रोल रूम तथा आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा गया है। आयोग द्वारा सभी केंद्रों की कनेक्टिविटी का सफल परीक्षण भी कर लिया गया है।

आयोग की ओर से परीक्षा के सघन अनुश्रवण के लिए प्रत्येक जनपद में एक-एक प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वाले व्यक्तियों एवं नकल माफियाओं के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित 06 विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित 04 विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित 05 विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित 04 विषयों की परीक्षा संपन्न कराई जाएगी।

अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। साथ ही एआई तकनीक की सहायता से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान की गई है, जिन्होंने एक ही नाम से अलग-अलग फोटो के साथ अथवा एक ही फोटो के साथ अलग-अलग नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोग द्वारा अभिनव प्रयोग के रूप में लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक पाली की परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद अभ्यर्थियों द्वारा प्रयुक्त ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों एवं परीक्षार्थियों की उपस्थिति में की जाएगी। स्कैन डाटा को तत्काल सुरक्षित किया जाएगा, जिसका आवश्यकता पड़ने पर मूल ओएमआर से मिलान किया जा सकेगा।

आयोग अध्यक्ष ने सभी अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने एवं प्रवेश पत्र में अंकित निर्देशों का अक्षरशः पालन करने की अपील की है। उन्होंने अभ्यर्थियों से किसी भी अफवाह अथवा भ्रामक सूचना से बचने तथा आयोग की वेबसाइट यूपीईएसएससी एवं आधिकारिक एक्स हैंडल पर उपलब्ध सूचनाओं पर ही भरोसा करने को कहा।

आयोग ने स्पष्ट किया कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने वाले अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं ।

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