Lucknow : मिशन शक्ति-6.0: नुक्कड़ नाटकों में 2.43 लाख बच्चों की सहभागिता से जीवंत हुई नवदुर्गा, रैलियों से गूंजी जन-जागरूकता की आवाज

इस विशेष अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने नवदुर्गा के नौ स्वरूपों को नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। साथ ही, रैलियों के दौरान बच्चों ने हाथों में तख्ति

By INA News Desk
Mar 20, 2026 - 21:52
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Lucknow : मिशन शक्ति-6.0: नुक्कड़ नाटकों में 2.43 लाख बच्चों की सहभागिता से जीवंत हुई नवदुर्गा, रैलियों से गूंजी जन-जागरूकता की आवाज
Lucknow : मिशन शक्ति-6.0: नुक्कड़ नाटकों में 2.43 लाख बच्चों की सहभागिता से जीवंत हुई नवदुर्गा, रैलियों से गूंजी जन-जागरूकता की आवाज
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  • मिशन शक्ति के छठे चरण का विशेष अभियान
  • नवदुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित नुक्कड़ नाटकों से दिया गया सशक्तिकरण का संदेश
  • तख्तियों और नारों के माध्यम से बच्चों ने फैलाया बाल अधिकार और सुरक्षा जागरूकता
  • 2,42,825 बच्चों, 26,428 शिक्षकों तथा 55,247 अभिभावकों ने की सक्रिय सहभागिता
  • ‘मिशन शक्ति’ के माध्यम से प्रदेश सरकार बालिकाओं को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बना रही है: संदीप सिंह
  • नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैलियां बालिकाओं के भीतर आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं: मोनिका रानी

लखनऊ। वासंतिक नवरात्रि के अवसर पर ‘मिशन शक्ति- 6.0’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश के समस्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में नवदुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित नुक्कड़ नाटकों का मंचन एवं जन-जागरूकता रैलियों का आयोजन किया गया। इस अभियान में 2,42,825 बच्चों, 26,428 शिक्षकों तथा 55,247 अभिभावकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए बाल अधिकार, सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।इस विशेष अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने नवदुर्गा के नौ स्वरूपों को नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। साथ ही, रैलियों के दौरान बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर हेल्पलाइन नंबर, बाल अधिकार, सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े संदेश प्रदर्शित किए तथा जोरदार नारों के माध्यम से जन-जन तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया।

मंत्री ने कहा
बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश संदीप सिंह का कहना है कि ‘मिशन शक्ति’ के माध्यम से प्रदेश सरकार बालिकाओं को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।नुक्कड़ नाटक और जन-जागरूकता रैलियों के माध्यम से बच्चों द्वारा समाज को दिया जा रहा संदेश अत्यंत प्रभावी और प्रेरणादायक है। यह अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

नुक्कड़ नाटकों से जागी सामाजिक चेतना
विद्यालयों में आयोजित नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से विद्यार्थियों ने नवदुर्गा के स्वरूपों को सामाजिक संदर्भों से जोड़ते हुए प्रस्तुत किया।इन प्रस्तुतियों में बालिका सुरक्षा, शिक्षा का महत्व, लैंगिक समानता और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया, जिससे दर्शकों में जागरूकता और संवेदनशीलता का भाव विकसित हुआ।

बाल अधिकार और सुरक्षा पर विशेष जोर
रैलियों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।विद्यार्थियों ने नारों और संदेशों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और किसी भी प्रकार के अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए तैयार हैं।

जनभागीदारी से बना सशक्त अभियान
इस आयोजन में बड़ी संख्या में अभिभावकों और शिक्षकों की सहभागिता ने इसे एक व्यापक जनांदोलन का स्वरूप प्रदान किया।विद्यालयों से निकलकर समाज तक पहुंचा यह अभियान बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने कहा
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश, मोनिका रानी का कहना है कि नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैलियां विद्यार्थियों के समग्र विकास का सशक्त माध्यम हैं। नवदुर्गा के स्वरूपों के माध्यम से बालिकाओं को सशक्तिकरण का संदेश देना और बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना ‘मिशन शक्ति’ की मूल भावना को साकार करता है।

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