Lucknow News: नवोदय विद्यालय के 200 से अधिक सेवानिवृत्त शिक्षकों व कर्मियों का सम्मान, पूर्व छात्रों ने गुरुजनों के प्रति जताई कृतज्ञता

लखनऊ में आयोजित द्वितीय नवोदय विद्यालय सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मचारी सम्मान समारोह-2026 में 200 से अधिक पूर्व गुरुजनों को सम्मानित किया गया। देश-विदेश से जुटे पूर्व छात्रों ने संस्मरण साझा किए।

By INA News Desk
Sep 13, 2026 - 22:47
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Lucknow News: नवोदय विद्यालय के 200 से अधिक सेवानिवृत्त शिक्षकों व कर्मियों का सम्मान, पूर्व छात्रों ने गुरुजनों के प्रति जताई कृतज्ञता
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  • नवोदय परिवार का भव्य संगम: लखनऊ में जुटा देश-विदेश का एलुमनाई नेटवर्क, गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प

  • द्वितीय नवोदय सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह: आईएएस, आईपीएस और वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा किए संस्मरण, गुरुओं को किया नमन

  • संस्कार और राष्ट्र निर्माण की मिसाल: लखनऊ में सम्मानित हुए नवोदय विद्यालय के पूर्व प्राचार्य व शिक्षक, एकजुट हुआ नवोदय परिवार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित एक होटल सभागार में 'नवोदय परिवार' के तत्वावधान में “द्वितीय नवोदय विद्यालय सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मचारी सम्मान समारोह–2026” का गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस विशेष समागम में देश के विभिन्न जवाहर नवोदय विद्यालयों में अपनी जीवनभर की सेवाएं देकर सेवानिवृत्त हुए 200 से अधिक उपायुक्तों, सहायक उपायुक्तों, प्राचार्यों, उप-प्राचार्यों, शिक्षकों एवं गैर-शैक्षणिक कर्मियों को उनके अप्रतिम योगदान के लिए भावभीना सम्मान दिया गया। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक सम्मान सभा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की चिरंतन गुरु-शिष्य परंपरा, नवोदय के जीवन-मूल्यों और देश-विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे पूर्व छात्रों की एकजुटता का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा।

समारोह का शुभारंभ पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्वलन और नवोदय विद्यालयों के सुप्रसिद्ध प्रेरणा गीत “हम नवयुग की नई भारती...” के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इसके उपरांत प्रस्तुत की गई गणेश वंदना ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आभा से भर दिया। कार्यक्रम का संयुक्त संचालन बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ की आईटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. राजश्री पांडेय एवं सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के डिप्टी कमांडेंट अवनीश चौबे ने किया। स्वागत उद्बोधन आयोजन समिति के प्रतिनिधि वेद प्रकाश राय ने दिया, जबकि आभार प्रदर्शन अनिल दीप आनंद द्वारा किया गया।

गुरुजनों का योगदान और नवोदय की गौरवशाली यात्रा

समारोह के मंच पर नवोदय विद्यालय समिति के पूर्व उच्चाधिकारियों और अनुभवी शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें पूर्व उपायुक्त डॉ. उमेश चंद्र वाजपेई, अशोक कुमार शुक्ला, अखिल कुमार शुक्ल (पटना संभाग), एस. राम (पटना संभाग), बच्चा सिंह (भोपाल संभाग), सहायक आयुक्त जनार्दन सिंह, देवी प्रसाद सिंह, पूर्व सहायक आयुक्त राजीव उपाध्याय, जनार्दन उपाध्याय तथा लखनऊ संभाग की वर्तमान उपायुक्त संगीता जायसवाल व सहायक उपायुक्त सुमन कुमार शामिल रहे।

विभिन्न नवोदय विद्यालयों के पूर्व प्राचार्यों में जे.एस. चौहान, कलाल, अजीत शुक्ल, चंद्रबली, डॉ. अमरनाथ राय, एस.के. श्रीवास्तव, सुरेंद्र प्रसाद, चंदन बगिस, आर.के. सिंह, योगेंद्र भक्त, डॉ. डी.के. त्रिपाठी, महेश शर्मा, सुधीर दीक्षित और जी.पी. मिश्रा सहित कई वरिष्ठ शिक्षकों ने मंच साझा किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सभागार के वरिष्ठतम सम्मानित सदस्य एवं पूर्व पीजीटी हिंदी शिक्षक दिनेश राय ने की। अपने वक्तव्य में पूर्व उप-प्रधानाचार्य जी.पी. मिश्रा ने रेखांकित किया कि नवोदय का आवासीय परिवेश शिक्षक और विद्यार्थी के बीच एक ऐसा अटूट मानवीय संबंध स्थापित करता है जो जीवनपर्यंत बना रहता है। वहीं पूर्व उपायुक्त उमेश चंद्र वाजपेई ने नवोदय विद्यालयों की प्रारंभिक स्थापना से लेकर वर्तमान समय तक की विकास यात्रा के ऐतिहासिक संस्मरण साझा किए। पूर्व प्राचार्य जे.एस. चौहान ने कहा कि ग्रामीण भारत की प्रतिभाओं को तराशने के जिस उद्देश्य से इन विद्यालयों की नींव रखी गई थी, आज देश के नीति-निर्माण में नवोदय के विद्यार्थियों की भूमिका इस उद्देश्य की सार्थकता को प्रमाणित करती है।

पूर्व छात्रों ने गुरुओं के चरणों में समर्पित की सफलता

समारोह में भाग लेने पहुंचे पूर्व छात्रों जो आज भारतीय प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, न्यायिक सेवा, चिकित्सा, उच्च शिक्षा और कॉरपोरेट जगत में शीर्ष पदों पर कार्यरत हैं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सफलता का संपूर्ण श्रेय अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन और विद्यालय के अनुशासन को दिया।

उत्तर प्रदेश एटीएस के प्रमुख एवं पुलिस महानिरीक्षक प्रेम कुमार गौतम (आईपीएस) ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि नवोदय में मिले आत्मबल ने उन्हें जीवन की हर कठिन परिस्थिति का सामना करने का साहस दिया। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के सचिव सूर्यपाल गंगवार (आईएएस) ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि व्यस्त दिनचर्या के बीच अपने पूर्व शिक्षकों को एकत्र कर उनका सम्मान करना भावी पीढ़ियों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।

लखनऊ के जॉइंट पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) बबलू कुमार (आईपीएस) ने अपने स्कूली जीवन के संघर्षों को याद करते हुए भावुक होकर कहा कि एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचने में नवोदय के शिक्षकों की व्यक्तिगत देखभाल और मार्गदर्शन की सबसे बड़ी भूमिका रही है।

खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद ने नवोदय की शिक्षक-छात्र परंपरा को दुनिया के सबसे अनूठे शैक्षिक मॉडल्स में से एक बताया। विशेष सचिव (वन एवं पर्यावरण) जग प्रवेश (आईएएस) ने अनुशासन को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताया, जबकि नवोदय फैमिली वर्ल्डवाइड के अध्यक्ष सीताराम नारोलिया ने दुनिया भर में फैले पूर्व छात्रों को एक मंच पर लाने के प्रयासों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

विभिन्न क्षेत्रों से जुटे गणमान्य पूर्व छात्र

कार्यक्रम में देश-विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे अनेक पूर्व छात्र व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। इनमें सहकारिता विभाग के आयुक्त एवं निबंधक प्रशांत कुमार (आईएएस), रईस अख्तर (आईपीएस), कार्मिक विभाग के विशेष सचिव विजय कुमार, एडीसीपी (पूर्वी जोन लखनऊ) अमोल मुकुट (आईपीएस), एसीपी विकास पांडेय, एडीएम अनुराग सिंह, एसडीएम अनिल सागर, तहसीलदार जयप्रकाश सिंह, राघवेंद्र त्रिपाठी, शालिनी तिवारी, केजीएमयू के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र प्रसाद व डॉ. मधुसूदन मिश्रा, पेप्सिको के उपाध्यक्ष (विपणन) रविंद्र देव उपाध्याय, अमरावती ग्रुप के निदेशक श्रीकांत मिश्रा, सत्या माइक्रोफाइनेंस के प्रबंध निदेशक विवेक तिवारी, श्री काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा, एडीएम संतोष उपाध्याय, श्वेता तिवारी, अप राइज अकादमी के निदेशक विवेक वर्मा, डॉ. पंकज कुमार सिंह, सहायक आयुक्त (जीएसटी) प्रवीण यादव सहित सैकड़ों पूर्व छात्र शामिल हुए।

जो पूर्व छात्र कर्तव्यगत व्यस्तताओं के कारण व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, उन्होंने वीडियो संदेश भेजकर गुरुजनों को प्रणाम किया। इनमें अहमदाबाद के पोस्ट मास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव, भारतीय रेलवे के महाप्रबंधक रणविजय वर्मा तथा वरिष्ठ रेल अधिकारी डॉ. स्वामी प्रकाश पांडेय प्रमुख रहे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। नृत्यांजलि फाउंडेशन की निदेशक रागिनी श्रीवास्तव के निर्देशन में पर्णिका श्रीवास्तव, निखिल कसौधन, कृति सिंह चौहान एवं अनुराधा दुबे ने भावपूर्ण गणेश वंदना प्रस्तुत की। इसके उपरांत बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों (आईटी, बीटेक, योग एवं रसायन विज्ञान) के विद्यार्थियों ने समूह गान, शास्त्रीय समूह नृत्य एवं एकल गायन की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

आयोजन समिति के सदस्य वेद प्रकाश राय ने अपने संबोधन में कहा कि इस सम्मान समारोह का उद्देश्य नवोदय की गुरु-शिष्य परंपरा को केवल स्मृतियों में सीमित न रखकर उसे वर्तमान और भावी पीढ़ियों तक एक जीवंत संस्कार के रूप में पहुंचाना है।

समारोह के समापन पर उपस्थित सभी नवोदयन साथियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। साथ ही, वर्तमान समय में नवोदय विद्यालयों में अध्ययनरत ग्रामीण परिवेश के छात्र-छात्राओं के लिए मेंटरशिप, कॅरियर काउंसलिंग और समग्र मार्गदर्शन की दिशा में पूर्व छात्रों का नेटवर्क निरंतर सक्रिय योगदान देगा।

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