Lucknow News: योगी सरकार का निर्देश- खुले में न रहे गेहूं, गोदाम में रखा जाए सुरक्षित, अन्नदाता किसानों के हित में घर-घर पहुंच रही योगी सरकार

आंकड़े बताते हैं कि योगी सरकार के प्रयासों को किसानों का भी साथ मिल रहा है। 10 अप्रैल (दोपहर 12 बजे तक) गेहूं खरीद के लिए 3,67,875 किसानों ने पंजीकरण करा लिया। 5784 क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीद हो रही ...

By INA News Desk
Apr 10, 2025 - 14:08
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Lucknow News: योगी सरकार का निर्देश- खुले में न रहे गेहूं, गोदाम में रखा जाए सुरक्षित, अन्नदाता किसानों के हित में घर-घर पहुंच रही योगी सरकार

 

सार-

  • अवकाश में भी मोबाइल क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से जारी रहा संवाद
  • 2425 रुपये है गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य, इसके अलावा 20 रुपये प्रति कुंतल की दर से उतराई, छनाई व सफाई के लिए भी किया जा रहा भुगतान 
  • 3.67 लाख से अधिक किसान हुए पंजीकृत, 27388 किसानों से 1.43709 लाख मीट्रिक टन की जा चुकी खरीद 
  • योगी सरकार ने 8 वर्ष में लगभग 50 लाख गेहूं किसानों को किया 43424.44 करोड़ रुपये का भुगतान  
  • बिचौलिया राज समाप्त, किसानों को 2425 रुपये एमएसपी और 20 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त दिए जा रहे

By INA News Lucknow.

लखनऊ: अन्नदाता किसानों के हित के लिए संकल्पित योगी सरकार घर-घर पहुंच रही है। विपरीत मौसम को देखते हुए एक तरफ योगी सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि गेहूं खुले में न रहे, इसे गोदाम में सुरक्षित रखा जाए तो वहीं दूसरी तरफ रविवार हो या अन्य अवकाश, मोबाइल क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से संवाद जारी है।योगी सरकार के निर्देश पर महावीर जयंती के अवकाश पर भी खाद्य व रसद विभाग के अधिकारी गांव-गांव पहुंचे और किसानों से संवाद स्थापित किया।  

  • दो दिन में लगभग सात हजार नए किसानों ने क्रय केंद्रों पर की गेहूं की बिक्री 

आंकड़े बताते हैं कि योगी सरकार के प्रयासों को किसानों का भी साथ मिल रहा है। 10 अप्रैल (दोपहर 12 बजे तक) गेहूं खरीद के लिए 3,67,875 किसानों ने पंजीकरण करा लिया। 5784 क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीद हो रही है। 27388 किसानों से 1.43709 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद भी हो चुकी है।आलम यह है कि दो दिन में लगभग 11 हजार से अधिक किसानों ने सरकारी बिक्री के लिए पंजीकरण कराया।

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8 अप्रैल तक जहां 20,409 किसानों से गेहूं क्रय किया गया था, वहीं 10 अप्रैल तक बिक्री करने वालों किसानों की संख्या बढ़कर 27388 से अधिक हो गई है। यानी दो दिन में लगभग सात हजार से अधिक किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री की। 8 अप्रैल तक 3.56 लाख किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण कराया था, जो 10 अप्रैल तक बढ़कर 3.67 लाख हो गई है। 

  • गुरुवार के अवकाश में भी गांव-गांव पहुंचे अफसर, किसानों से किया संपर्क

गेहूं की अच्छी ख़रीद हो, इसके लिए कटाई के पहले से ही गांव गांव जाकर किसानों से संपर्क साधा गया और उन्हें सरकारी क्रय केंद्र पर बिक्री के लिए प्रेरित किया गया। खाद्य व रसद विभाग पहली बार मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से किसान के खेत तक पहुँचा।एक तरफ़ कटाई चल रही है तो वहीं दूसरी तरफ मौके पर ही गेहूं तौला जा रहा है। सीएम योगी के निर्देश पर अवकाश के दिनों में भी क्रय केंद्र खुल रहे हैं, जिससे गेहूं बेचना अन्नदाता किसानों के लिए काफी आसान हो गया है। गुरुवार को महावीर जयंती के अवकाश पर भी खाद्य व रसद विभाग के अधिकारी गांव-गांव पहुंचे और किसानों से संपर्क स्थापित किया। 

  • बिचौलिया राज समाप्त, किसानों को 2425 रुपये एमएसपी और 20 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त दिए जा रहे

योगी शासन में बिचौलिया राज समाप्त हो गया। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए 2425 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है, जिसका भुगतान 48 घंटे के अंदर किसानों को किया जा रहा है। यही नहीं, गेहूं की उतराई, छनाई व सफाई के मद में 20 रुपये प्रति कुंतल की दर से भी किसानों को प्रतिपूर्ति की जा रही है। 

  • बिन सत्यापन 100 कुंतल गेहूं बेच रहे पंजीकृत किसान

योगी सरकार ने व्यवस्था की कि पंजीकृत किसान बिना सत्यापन 100 कुंतल तक गेहूं बेच सकते हैं।मुख्यमंत्री के निर्देश पर क्रय केंद्रों पर बैठने, शुद्ध पेयजल आदि की भी समुचित व्यवस्था की गई है। वहीं किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान भी कराया जा रहा है। 

  • 8 वर्ष में लगभग 50 लाख किसानों को 43424.44 करोड़ का भुगतान

योगी सरकार के 8 वर्ष में किसानों को सीधे एमएसपी का लाभ दिया गया, जबकि सपा शासन में बिचौलियों का राज स्थापित रहा। योगी शासन के 8 वर्ष में लगभग 50 लाख किसानों को गेहूं बिक्री के लिए 43424.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि सपा शासन के पांच वर्ष में महज 19,02,098 किसानों को 12808.67 करोड़ रुपये ही भुगतान किया गया। 

खास बातें

????अन्नदाता किसानों के लिए निरंतर अतिरिक्त प्रयास कर रही योगी सरकार

????किसानों को न हो परेशानी, इसलिए अवकाश के दिन भी संचालित किए जा रहे क्रय केंद्र

????मौसम (धूप, गर्मी और बारिश) को देखते हुए सुबह 8 से रात्रि 8 बजे तक संचालित किए जा रहे क्रय केंद्र

????मोबाइल क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से किया जा रहा संपर्क, घर तक पहुंचकर कराया जा रहा तौल 

????किसानों को परेशानी से निजात के लिए जारी किया गया टोल फ्री नंबर 18001800150, सीधे अपनी समस्या बता सकते हैं किसान 

????खाद्य व रसद विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISHAN MITRA पर पंजीकरण-नवीनीकरण करा लें कृषक 

????किसानों को 2425 रुपये एमएसपी के साथ ही कटाई, छनाई का भी 20 रुपये अतिरिक्त कराया जा रहा मुहैया 

????बिचौलिया मुक्त खरीद कर सीधे किसानों के खाते में किया जा रहा भुगतान 

????बिन सत्यापन सिर्फ पंजीकरण के आधार पर ही 100 कुंतल तक की जा रही खरीद

????क्रय केंद्र पर किसानों का तत्काल कराया जा रहा पंजीकरण, बटाईदार किसानों से भी की जा रही खरीद

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