Lucknow : 15 अगस्त को नन्हें सपनों को नई उड़ान देगी योगी सरकार, क्रियाशील होंगी 3000 से अधिक बालवाटिकाएं

कम नामांकन वाले विद्यालयों को निकटवर्ती विद्यालयों के साथ जोड़कर संसाधनों का समेकन किया गया है। इसके बाद रंगाई-पुताई, सौंदर्यीकरण, बाल-अनुकूल क

Aug 11, 2025 - 22:20
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Lucknow : 15 अगस्त को नन्हें सपनों को नई उड़ान देगी योगी सरकार, क्रियाशील होंगी 3000 से अधिक बालवाटिकाएं
15 अगस्त को नन्हें सपनों को नई उड़ान देगी योगी सरकार, क्रियाशील होंगी 3000 से अधिक बालवाटिकाएं

सार-

  • आने वाली पीढ़ी को रचनात्मक, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाना है उद्देश्य
  • नव-संचालित बालवाटिकाओं में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अभिभावक शामिल होकर बच्चों का करेंगे उत्साहवर्धन
  • बालवाटिकाओं को पूरी तरह क्रियाशील कर, हम बच्चों को शिक्षा का मजबूत आधार देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहे हैं: संदीप सिंह
  • बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं: कंचन वर्मा

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 15 अगस्त को प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करने जा रहा है। इस दिन प्रदेश की 3000 से अधिक नव-संचालित बालवाटिकाएं एक साथ पूरी तरह क्रियाशील हो जाएंगी।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन नव-संचालित बालवाटिकाओं में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अभिभावक शामिल होकर बच्चों का उत्साहवर्धन करेंगे। कार्यक्रमों में बालवाटिका के महत्व, प्रारंभिक शिक्षा के लाभ और सरकार की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला जाएगा। योगी सरकार का यह कदम शिक्षा की मजबूत नींव रखेगा ही, आने वाली पीढ़ी को रचनात्मक, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

  • बाल्यावस्था से ही मजबूत नींव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को संपूर्ण शिक्षा यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण आधार माना गया है। इसी दृष्टि से योगी सरकार ने सभी सह-स्थित आंगनवाड़ी केन्द्रों को बालवाटिका में रूपांतरित करने का निर्णय लिया है। जीवन के पहले आठ वर्ष बच्चों के मस्तिष्क विकास और सीखने की क्षमता के लिए निर्णायक होते हैं और यह बालवाटिकाएं बच्चों को भाषा, संज्ञानात्मक, सामाजिक और रचनात्मक कौशल में सक्षम बनाएंगी।

  • विद्यालय पेयरिंग नीति से मिलेगी नई पहचान

कम नामांकन वाले विद्यालयों को निकटवर्ती विद्यालयों के साथ जोड़कर संसाधनों का समेकन किया गया है। इसके बाद रंगाई-पुताई, सौंदर्यीकरण, बाल-अनुकूल कक्षाओं, प्रिंट-रिच वातावरण और शिक्षण सामग्री की व्यवस्था कर इन विद्यालयों में बालवाटिका संचालन शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

  • हर सुविधा, हर मुस्कान के लिए: कंचन वर्मा

इस सम्बन्ध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए गतिविधि-आधारित किट (वंडर बॉक्स), लर्निंग कॉर्नर, आउटडोर खेल सामग्री, बाल-हितैषी फर्नीचर एवं स्टेशनरी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। साथ ही ECCE शिक्षक, शिक्षामित्र एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, ताकि 3 से 6 वर्ष के बच्चों को 'स्कूल रेडी' बनाया जा सके और उनके पोषण पर पूरा ध्यान रखा जा सके।

हमारी सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रारंभिक शिक्षा को सबसे उच्च प्राथमिकता दे रही है। बालवाटिका के माध्यम से हम बच्चों के सर्वांगीण विकास और पोषण पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, ताकि वे भविष्य के सशक्त, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। 15 अगस्त को प्रदेश की 3000 से अधिक बालवाटिकाओं को पूरी तरह क्रियाशील कर, हम बच्चों को शिक्षा का मजबूत आधार देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहे हैं।

                                                - संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश

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