Delhi : आरक्षण में आर्थिक स्थिति को प्राथमिकता देने हेतु एडवोकेट रीना एन सिंह की जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार 

अपनी जनहित याचिका में रीना एन सिंह ने मांग की थी कि आरक्षण लाभ को आर्थिक आधार पर प्राथमिकता दी जाए ताकि पात्र व्यक्ति को वरीयता दी जा सके रीना एन सिंह ने

By INA News Desk
Aug 11, 2025 - 22:23
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Delhi : आरक्षण में आर्थिक स्थिति को प्राथमिकता देने हेतु एडवोकेट रीना एन सिंह की जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार 
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नई दिल्ली : नौकरियों में आरक्षित श्रेणी के अंतर्गत आर्थिक श्रेणी का उपवर्ग बनाने एवं चयन प्रक्रिया में उसको प्राथमिकता दिए जाने हेतु सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह की जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सूर्यकांत और जांयमाल्या बागची की पीठ ने जनहित याचिका की सराहना करते हुए और टिप्पणी करते हुए रीना एन सिंह से कहा कि आप स्वयं इस व्यापक परिवर्तन के विरोध के लिए तैयार रहियेगा।
रमाशंकर प्रजापति बनाम भारत संघ एवं अन्य मामले पर अनुच्छेद 32 के अंतर्गत एक जनहित याचिका रीना एन सिंह के द्वारा दायर की गई थी जिसमें आरक्षण को लेकर व्यापक संवैधानिक सुधार पर मांग की गई थी।

अपनी जनहित याचिका में रीना एन सिंह ने मांग की थी कि आरक्षण लाभ को आर्थिक आधार पर प्राथमिकता दी जाए ताकि पात्र व्यक्ति को वरीयता दी जा सके रीना एन सिंह ने इसके लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का जिक्र किया था इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि न्याय केवल कानून में ही नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करने में भी है कि जिस व्यक्ति को इसकी आवश्यकता सबसे अधिक है उसे सबसे पहले इसकी मदद मिले।

पीठ ने एडवोकेट रीना एन सिंह के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जनहित याचिका इस वास्तविकता को स्पष्ट करती है कि लंबे समय से चले आ रहे आरक्षण के बावजूद आर्थिक रूप से वंचित लोग अक्सर पीछे छूट जाते हैं रीना एन सिंह ने कहा कि आर्थिक आधार पर प्राथमिकता तय करने से यह सुनिश्चित हो सकेगा की मदद वहां से शुरू हो जहां इसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता है।

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