Lucknow : मई और जून में स्कूली बच्चों और परिवारों को म्यूजियम व स्मारकों में मिलेगा मुफ्त प्रवेश, पर्यटन मंत्री ने दिए निर्देश
पर्यटन मंत्री ने स्मारकों में मुफ्त प्रवेश के इस फैसले का बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार करने को कहा है। उत्तर प्रदेश में डेस्टिनेशन वेडिंग की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए पीपीपी मॉडल पर दी गई संपत्तियों और पर्यटक आवास गृहों में इसे बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ
प्रधानमंत्री के राष्ट्र हित में योगदान देने के आह्वान पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने विभाग में पेट्रोल और ऊर्जा की खपत को कम करने पर विशेष जोर दिया है। मंत्री ने कहा कि जिन अधिकारियों को सरकारी गाड़ियाँ मिली हैं, वे उनके इस्तेमाल में सावधानी बरतें और गाड़ी के खर्च को 50 प्रतिशत तक कम करने की कोशिश करें। इसके लिए एक ही रास्ते पर रहने वाले अधिकारियों को एक ही गाड़ी से दफ्तर आने और सरकारी दौरों के लिए भी मिलकर एक ही वाहन का इस्तेमाल करने को कहा गया है। इसके अलावा अधिकारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मेट्रो का उपयोग करने की सलाह दी गई है। दफ्तरों में बिजली और एसी का इस्तेमाल कम से कम करने तथा छुट्टी के दिनों में बहुत जरूरी होने पर ही कार्यालय खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्यटन मंत्री ने स्मारकों में मुफ्त प्रवेश के इस फैसले का बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार करने को कहा है। उत्तर प्रदेश में डेस्टिनेशन वेडिंग की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए पीपीपी मॉडल पर दी गई संपत्तियों और पर्यटक आवास गृहों में इसे बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के राही पर्यटक आवास गृहों और होटलों में मई और जून के महीनों में बच्चों तथा उनके परिवारों को ठहरने पर 20 से 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री के 'विजिट माई स्टेट' अभियान को आगे बढ़ाते हुए वाराणसी, मथुरा, प्रयागराज, अयोध्या, बुंदेलखंड, चित्रकूट, आगरा, नैमिषारण्य और शाकुम्भरी देवी जैसे धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों की ब्रांडिंग और प्रचार तेज किया जाएगा।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों को क्षेत्रीय खान-पान का स्वाद चखाने के लिए विशेष कुकिंग शो आयोजित किए जाएंगे। लोगों को प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ने के लिए हेरिटेज वॉक का आयोजन किया जाएगा। संस्कृति विभाग जिलाधिकारियों के माध्यम से सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन और नाटकों का आयोजन कराएगा। इसके तहत पूरे प्रदेश में कुल 200 नाटक प्रस्तुतियाँ चुनी गई हैं, जिनका अलग-अलग पर्यटन स्थलों और मंडलों में मंचन किया जाएगा।
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