Lucknow : योगी सरकार का नया मॉडल - गांव की महिलाएं अब तकनीक के जरिए करेंगी दुग्ध व्यापार

दुग्ध कारोबार को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए ‘सामर्थ्य साथी’ नाम से मोबाइल एप शुरू किया गया है। इस एप के जरिए दुग्ध उत्पादकों को रियल टाइम दूध बिक्री, भुगतान, गुणवत्ता जांच और अन्य आवश्यक सूच

May 8, 2026 - 21:51
22 Views
Lucknow : योगी सरकार का नया मॉडल - गांव की महिलाएं अब तकनीक के जरिए करेंगी दुग्ध व्यापार
Lucknow : योगी सरकार का नया मॉडल - गांव की महिलाएं अब तकनीक के जरिए करेंगी दुग्ध व्यापार

  • मोबाइल एप के जरिए होगा प्रतिदिन चार लाख लीटर से ज्यादा दूध का कारोबार
  • हाईटेक बनेंगी लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी सुल्तानपुर, बाराबंकी, उन्नाव समेत 10 जिलों की महिलाएं
  • सवा लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को इस विशाल नेटवर्क के जरिए बनाया गया आत्मनिर्भर
  • गुणवत्ता से लेकर भुगतान तक, अब हर जानकारी रहेगी मोबाइल पर

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम अब तकनीक के नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। अवध क्षेत्र और आसपास के 10 जिलों में कार्यरत ‘सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी’ के जरिए ग्रामीण महिलाएं अब आधुनिक तकनीक और मोबाइल एप के माध्यम से दुग्ध उत्पादन, संग्रह और भुगतान व्यवस्था को संचालित कर सकेंगी। इस पहल से प्रतिदिन चार लाख लीटर से अधिक दूध के व्यापार को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है।
योगी सरकार के कार्यकाल में गांव की महिलाओं के लिए तैयार किया गया पारदर्शी दुग्ध नेटवर्क अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई ताकत बनता जा रहा है। अवध और आसपास के जिलों में सवा लाख से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ा जा चुका है, जिनके हाथों में अब केवल दुग्ध उत्पादन ही नहीं बल्कि तकनीकी प्रबंधन की जिम्मेदारी भी होगी।

गांव-गांव बने दुग्ध संग्रह केंद्र
सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी द्वारा गांव गांव दुग्ध संग्रह केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसानों के यहां से दूध को उचित मूल्य पर खरीदा जा रहा है। इसे महिलाएं ही संचालित करती हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है, वहीं पशुपालकों को भी बाजार की अनिश्चितताओं से राहत मिली है।
योगी सरकार की प्राथमिकता केवल खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि भुगतान व्यवस्था को भी पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। महिला किसानों को महीने में तीन बार, दस-दस दिन के अंतराल पर सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया जाता है। इससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।

इन जिलों में तैयार हुआ नेटवर्क
लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी सुल्तानपुर, बाराबंकी, उन्नाव, प्रतापगढ़ कानपुर नगर और फतेहपुर में ग्रामीण महिलाओं का विशाल नेटवर्क तैयार किया गया है।

‘सामर्थ्य साथी’ एप से मिलेगा हर दिन का हिसाब
दुग्ध कारोबार को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए ‘सामर्थ्य साथी’ नाम से मोबाइल एप शुरू किया गया है। इस एप के जरिए दुग्ध उत्पादकों को रियल टाइम दूध बिक्री, भुगतान, गुणवत्ता जांच और अन्य आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
ग्रामीण महिलाओं को तकनीक से जोड़ना केवल सुविधा नहीं बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण का बड़ा माध्यम है। इसी उद्देश्य से गांव स्तर पर महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण और तकनीकी जागरूकता भी की जा रही है।

पारदर्शिता से बढ़ा महिलाओं का भरोसा
दूध की गुणवत्ता जांच से लेकर पैसे के भुगतान तक पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित होने से दुग्ध उत्पादकों का भरोसा तेजी से बढ़ा है। ग्रामीण महिलाएं अब केवल पशुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डेटा, भुगतान और डिजिटल रिकॉर्ड की निगरानी भी स्वयं कर रहीं हैं।
योगी सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को नई पहचान देने के साथ ही ‘आत्मनिर्भर गांव’ मॉडल को भी मजबूत करती दिखाई दे रही है। दुग्ध क्रांति अब गांव की चौपाल से मोबाइल स्क्रीन तक पहुंच रही है।

Also Click : Saharanpur : डिजिटल स्व-गणना का आगाज, महापौर ने ऑनलाइन जानकारी भरकर किया शुभारंभ

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow