Hardoi News: मातृ-पितृ पूजन दिवस पर बच्चों ने लिया भारतीय संस्कृति को बनाए रखने का लिया संकल्प, बच्चे बोले हर दिन हो माता - पिता का दिवस। 

बच्चों ने वैलेंटाइन डे (Valentine's Day) का विरोध करते हुए अपने माता-पिता (mother father) को माला पहनकर आरती....

Feb 14, 2025 - 20:57
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Hardoi News: मातृ-पितृ पूजन दिवस पर बच्चों ने लिया भारतीय संस्कृति को बनाए रखने का लिया संकल्प, बच्चे बोले हर दिन हो माता - पिता का दिवस। 

Hardoi News: श्री डालसिंह मेमोरियल स्कूल (Shri Dal Singh Memorial Public School) का आंगन बदला बदला सा नजर आ रहा था जिस विद्यालय के आंगन में बच्चे रोज पढ़ने आते थे वहीं शुक्रवार को बच्चों ने वैलेंटाइन डे (Valentine's Day) का विरोध करते हुए अपने माता-पिता को माला पहनकर आरती उतार कर मिठाई खिलाकर उनको प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया तथा यह संकल्प लिया कि आज का दिन प्रतिदिन एक जैसा दिन रहे ,बच्चों ने कहा माता-पिता इस युग के उनके भगवान हैं। मंगली पुरवा स्थित श्री डाल सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल (Shri Dal Singh Memorial Public School) में योग वेदांत महिला समिति के के साथ मातृ-पितृ पूजन दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विदेशी संस्कृति के प्रभाव से बचाव और भारतीय मूल्यों की रक्षा करना था।

विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता को माला पहनाई, तिलक लगाया और आरती कर उनका आशीर्वाद लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विदेशी प्रभाव से बच्चों को दूर रखते हुए माता-पिता के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना को प्रबल बनाना था।

विद्यालय के संस्थापक अखिलेश सिंह ने कहा कि बच्चों को वैलेंटाइन डे जैसे विदेशी प्रभावों से बचाना और भारतीय संस्कृति से जोड़े रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि माता-पिता के प्रति सम्मान भारतीय समाज की मूलभूत पहचान है, जिसे हर पीढ़ी को बनाए रखना चाहिए।

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विद्यालय के प्रबंधक मुकेश सिंह ने रामचरितमानस की चौपाइयों का उल्लेख करते हुए बताया कि माता-पिता को भगवान का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा, "मां बच्चे की प्रथम गुरु होती है, जबकि पिता दूसरा गुरु। बच्चों को अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए और उन्हीं से जीवन की मूल शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए।"
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की प्रधानाचार्य लक्ष्मी देवी, शिक्षिका विनीता त्रिवेदी, प्रज्ञा द्विवेदी, सोनी तिवारी, मंशा बाजपेई, सोनम शुक्ला, कोमल यादव, निकिता वर्मा, आरती वर्मा, आरती मिश्रा, पूजा मिश्रा, अर्पिता सिंह, कविता गुप्ता और शिक्षक राम प्रकाश पांडे, उदय शुक्ला, संजय गुप्ता, अशोक कुमार गुप्ता सहित अन्य शिक्षकों एवं समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

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