Putin India Visit: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहुंचे दिल्ली, केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने किया स्वागत
18वें ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंचे हैं। पालम एयरपोर्ट पर केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने उनका औपचारिक स्वागत किया।
- Putin India Visit: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहुंचे दिल्ली, केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने किया स्वागत
- BRICS Summit Delhi: भारी प्रतिनिधिमंडल के साथ पालम एयरपोर्ट उतरे व्लादिमीर पुतिन, शी जिनपिंग के आगमन से पहले बढ़ी कूटनीतिक हलचल
- Vladimir Putin in India: नई दिल्ली में ग्लोबल साउथ का महामंथन, भारत मंडपम में 12-13 सितंबर को जुटेंगे दुनिया के शीर्ष नेता
- Delhi BRICS Summit 2026: रूसी राष्ट्रपति पुतिन के आगमन से कूटनीति के केंद्र में भारत, चीनी राष्ट्रपति के दौरे पर भी टिकी नजरें
देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए वैश्विक नेताओं की औपचारिक आमद शुरू हो चुकी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ शुक्रवार तड़के वायुसेना के विशेष विमान से नई दिल्ली स्थित पालम तकनीकी हवाई अड्डे पर पहुंचे। विमान की लैंडिंग के उपरांत भारत सरकार की ओर से केंद्रीय विदेश एवं पर्यावरण राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने हवाई पट्टी पर व्यक्तिगत रूप से उनकी अगवानी की। औपचारिक राजनयिक प्रोटोकॉल और संक्षिप्त अभिवादन के बाद रूसी राष्ट्रपति कड़ी सुरक्षा वाले आधिकारिक मोटरकेड (कार के काफिले) में सवार होकर होटल के लिए रवाना हो गए।
प्रगति मैदान स्थित अत्याधुनिक भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को दो दिनों तक चलने वाले इस बहुपक्षीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भी नई दिल्ली आगमन तय है। दुनिया की दो प्रमुख वैश्विक महाशक्तियों के राष्ट्राध्यक्षों की भारत की धरती पर एक साथ मौजूदगी ने राष्ट्रीय राजधानी को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु में तब्दील कर दिया है।
- पालम पर विशेष स्वागत और सुरक्षा की अभेद्य व्यवस्था
रूसी राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर पालम एयरपोर्ट से लेकर लुटियंस दिल्ली और मध्य दिल्ली के पूरे क्षेत्र को बेहद कड़े सुरक्षा घेरे में लिया गया है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के आवागमन मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल क्रियान्वित किए गए हैं। पुतिन के साथ रूस के उप-प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, ऊर्जा विशेषज्ञ और वरिष्ठ आर्थिक रणनीतिकारों का एक सशक्त दल भी भारत पहुंचा है।
केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह द्वारा किए गए स्वागत के दौरान पारंपरिक भारतीय आतिथ्य और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों की झलक देखने को मिली। हवाई अड्डे पर संक्षिप्त संवाद के बाद पुतिन का काफिला तय रूट से उनके गंतव्य की ओर निकला, जिसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सुबह के समय विशेष कॉरिडोर की व्यवस्था की थी।
- चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आगमन से बढ़ेगा कूटनीतिक वजन
इस शिखर सम्मेलन का एक अन्य बड़ा आकर्षण चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का नई दिल्ली दौरा है। भारत और चीन के शीर्ष नेताओं का एक ही बहुपक्षीय मंच पर प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होना क्षेत्रीय स्थिरता, सीमा प्रबंधन और एशियाई सहयोग के लिहाज से अत्यंत निर्णायक माना जा रहा है।
पूर्वी लद्दाख में सैन्य तनाव कम करने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तर पर चली वार्ताओं के बाद दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों का आमने-सामने होना द्विपक्षीय संबंधों में व्यावहारिक संतुलन स्थापित करने का अवसर प्रदान कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में इस बात पर गहरी नजरें हैं कि क्या सम्मेलन के औपचारिक सत्रों के इतर भारत और चीन के बीच किसी स्तर पर प्रत्यक्ष संवाद का मार्ग प्रशस्त होता है।
- 18वें ब्रिक्स सम्मेलन का मुख्य एजेंडा और भारत की भूमिका
भारत की अध्यक्षता में भारत मंडपम में आयोजित हो रहा यह सम्मेलन विस्तारित ब्रिक्स प्रारूप के प्रभावी क्रियान्वयन की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। समूह में नए सदस्य देशों के औपचारिक समावेश के बाद यह पहला ऐसा सम्मेलन है जहां सदस्य राष्ट्र आर्थिक और कूटनीतिक प्राथमिकताओं को नए सिरे से परिभाषित करेंगे। सम्मेलन के दौरान निम्नलिखित विषय मुख्य विमर्श का हिस्सा रहेंगे:
राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार निपटान: अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सीमा पार वित्तीय लेनदेन के ढांचे को मजबूत करना।
न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) का विस्तार: विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में बुनियादी ढांचा और सतत ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए बैंक की कार्यप्रणाली को अधिक सुलभ बनाना।
ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा: वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच तेल, गैस, उर्वरक और खाद्यान्न की निरंतर व किफायती आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखना।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC), अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व व्यापार संगठन (WTO) में विकासशील देशों (ग्लोबल साउथ) को उचित प्रतिनिधित्व देने की सामूहिक मांग उठाना।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: सीमा पार आतंकवाद और आतंकी वित्तपोषण के खिलाफ बिना किसी दोहरे मापदंड के ठोस और साझा कार्रवाई तंत्र का निर्माण करना।
- द्विपक्षीय बैठकों की रूपरेखा
शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्रों के अलावा भारतीय नेतृत्व और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। इस बैठक में भारत-रूस वार्षिक शिखर वार्ता के एजेंडे को आगे बढ़ाने, दीर्घकालिक कच्चे तेल की आपूर्ति, परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में प्रगति, रक्षा उपकरणों के कलपुर्जों की समय पर डिलीवरी और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) के संचालन जैसे अहम मुद्दों पर उच्चस्तरीय चर्चा होने की पूरी संभावना है।
पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के बीच रूस लगातार एशियाई बाजारों के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है, वहीं भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता की नीति पर कायम रहते हुए राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखकर संतुलन साध रहा है।
- भारत मंडपम में जुटने लगे वैश्विक प्रतिनिधि
12 सितंबर की सुबह से भारत मंडपम के मुख्य हॉल में ब्रिक्स नेताओं का आधिकारिक जमावड़ा शुरू हो जाएगा। सम्मेलन स्थल पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया केंद्र, द्विपक्षीय वार्ता कक्ष और डेलिगेशन लाउंज को पूरी तरह तैयार कर दिया गया है। नई दिल्ली घोषणापत्र को अंतिम रूप देने के लिए सदस्य देशों के शेरपाओं और वरिष्ठ राजनयिकों के बीच बैठकों का दौर जारी है।
आगामी दो दिनों तक चलने वाला यह विचार-मंथन न केवल ब्रिक्स के भविष्य की आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि वैश्विक राजनीति में बहुध्रुवीय व्यवस्था (Multipolar World) की मजबूती का एक स्पष्ट संदेश भी अंतरराष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करेगा।
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