रायबरेली के विकास के लिए बनेगा महाप्लान: यूपी एससीआर 2051 के तहत जीआईएस तकनीक से तैयार होगा रीजनल रोडमैप
रायबरेली में यूपी एससीआर 2051 के तहत जीआईएस आधारित रीजनल प्लान तैयार करने को लेकर बैठक हुई। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
रायबरेली जिले के सुनियोजित, संतुलित और आधुनिक विकास को लेकर एक बड़ी प्रशासनिक पहल शुरू की गई है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (यूपी एससीआर) के लिए जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित क्षेत्रीय महायोजना तैयार करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले के दीर्घकालिक, समावेशी और निरंतर विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले आंकड़ों और भौगोलिक सूचनाओं पर गहराई से चर्चा की गई। योजना के अंतर्गत जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी हकीकत को समझने के लिए बेसमैप और वर्तमान भूमि उपयोग से संबंधित प्रस्तावित परियोजनाओं के प्रारूप पर मंथन किया गया।
बैठक के दौरान शासन द्वारा चुनी गई तकनीकी संस्था (कंसल्टेंट) की ओर से विकास योजनाओं से जुड़े शुरुआती चरणों का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिस पर मौजूद अलग-अलग विभागों के प्रभारियों ने अपने जरूरी सुझाव और संशोधन दिए। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार वर्ष 2051 की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूरे राज्य के व्यवस्थित विकास के लिए यह अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित रीजनल प्लान तैयार करवा रही है। यह महायोजना आने वाले समय में आबादी की आवश्यकताओं के अनुसार शहरों और गांवों के संतुलित विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, सड़कों व परिवहन के नेटवर्क, औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, पर्यावरण की सुरक्षा, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और आवासीय व सामाजिक सुविधाओं को मजबूत करने में गेम चेंजर साबित होगी।
जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी संबंधित विभागों के अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े नए और पूरी तरह प्रामाणिक आंकड़ों को तय समय सीमा के भीतर निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इससे जिले की वास्तविक जरूरतों और भविष्य की संभावनाओं के आधार पर एक असरदार रीजनल प्लान बनाया जा सकेगा। इस योजना को अंतिम रूप देने से पहले जिले की भौगोलिक स्थिति, आबादी की रफ्तार, भूमि के वर्तमान उपयोग, प्राकृतिक संपदाओं और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का पूरी तरह से वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा।
इस डिजिटल मैपिंग के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति और भविष्य की जरूरतों का एक डिजिटल नक्शा तैयार किया जाएगा। सभी अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे अपनी विभागीय सूचनाओं का डिजिटलीकरण कर उन्हें संबंधित सरकारी पोर्टल पर तुरंत अपलोड करें ताकि इस योजना के निर्माण कार्य को और गति दी जा सके। जिलाधिकारी ने भरोसा जताया कि यूपी एससीआर 2051 के तहत बनने वाला यह रीजनल प्लान जिले के चहुंमुखी विकास का मुख्य आधार बनेगा, जिससे आने वाले समय में बेहतर जनसुविधाएं मिलेंगी, नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आम नागरिकों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार आएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सहदेव मिश्र, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विशाल यादव, उपजिलाधिकारी राजेश श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के मुख्य अधिकारी, अर्बन प्लानर कीर्ति टंडन और टीम लीडर मुजीब रहमान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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