Sikar Mass Cheating Case: राजस्थान के सीकर में एक-दूसरे की कॉपी देखकर लिखते दिखे छात्र, विश्वविद्यालय ने रद्द की PGDCA परीक्षा

Sikar Mass Cheating: राजस्थान के सीकर में परीक्षा के दौरान खुलेआम नकल का वीडियो वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय ने PGDCA परीक्षा रद्द कर दी है। पढ़ें पूरी खबर।

Aug 13, 2026 - 13:04
8 Views
Sikar Mass Cheating Case: राजस्थान के सीकर में एक-दूसरे की कॉपी देखकर लिखते दिखे छात्र, विश्वविद्यालय ने रद्द की PGDCA परीक्षा
  • Rajasthan Sikar Cheating Video: सीकर में परीक्षा में खुलेआम सामूहिक नकल का वीडियो वायरल, PGDCA की परीक्षा रद्द
  • सीकर में परीक्षा केंद्र पर खुलेआम नकल का वीडियो वायरल, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए PGDCA परीक्षा की रद्द
  • Rajasthan Cheating News: सीकर में परीक्षा में धड़ल्ले से हुई सामूहिक नकल, वीडियो सामने आने के बाद PGDCA परीक्षा निरस्त

राजस्थान के सीकर जिले में परीक्षा के दौरान खुलेआम सामूहिक नकल कराए जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। परीक्षा हॉल से सामने आए एक वीडियो में छात्र बिना किसी डर के खुले तौर पर एक-दूसरे की उत्तर पुस्तिका से देखकर उत्तर लिखते नजर आ रहे हैं। मामला उजागर होने और सोशल मीडिया पर वीडियो के तेजी से प्रसारित होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय प्रशासन ने निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से संबंधित PGDCA (पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशंस) परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इस मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है और दोषी पाए जाने वाले परीक्षा केंद्र व परीक्षार्थियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

राजस्थान के शेखावाटी अंचल के सीकर जिले में स्थित एक परीक्षा केंद्र से परीक्षा की निष्पक्षता और पवित्रता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां PGDCA पाठ्यक्रम की परीक्षा के दौरान वीक्षकों की कथित अनदेखी के बीच छात्र समूह में बैठकर खुलेआम नकल करते दिखे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि परीक्षा हॉल के अंदर एक-दूसरे से उत्तर पुस्तिकाओं का आदान-प्रदान हो रहा है और कई छात्र किताबें व गाइड खोलकर जवाब लिख रहे हैं। इस घटना का वीडियो किसी ने चुपके से बनाकर ऑनलाइन साझा कर दिया, जिसके बाद राज्य के शिक्षा जगत और विद्यार्थियों में भारी आक्रोश फैल गया।

पूरा मामला सीकर क्षेत्र के एक स्थानीय महाविद्यालय में आयोजित PGDCA परीक्षा से जुड़ा हुआ है। परीक्षा के दौरान हॉल में सुरक्षा मानकों और वीक्षकों की मौजूदगी का कोई असर नहीं दिखा। परीक्षार्थी बिना किसी रोक-टोक के एक-दूसरे की कॉपियों से उत्तर उतार रहे थे। कई विद्यार्थी एक साथ घेरा बनाकर उत्तर पुस्तिकाएं आपस में बदलकर लिखते देखे गए।

वीडियो के सार्वजनिक होते ही शेखावाटी विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया। विश्वविद्यालय के कुलपति और परीक्षा नियंत्रक ने मामले का संज्ञान लेते हुए आपातकालीन बैठक बुलाई। प्राथमिक जांच में वायरल वीडियो के आधार पर परीक्षा की शुचिता भंग होने की बात प्रमाणित पाई गई। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कड़ा निर्णय लेते हुए संबंधित चरण की PGDCA परीक्षा को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। इसके अतिरिक्त जिस निजी परीक्षा केंद्र पर यह घटना घटी है, उसकी भूमिका की जांच के लिए दो सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच दल गठित कर दिया गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अनुचित साधनों के प्रयोग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की जांच के बाद ही परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है ताकि मेहनती और ईमानदार छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट आते ही संबंधित महाविद्यालय की संबद्धता रद्द करने और केंद्र को भविष्य के लिए ब्लैकलिस्ट करने पर विचार किया जाएगा।

दूसरी ओर, छात्र संगठनों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई है। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि निजी कॉलेजों में परीक्षा केंद्रों की निगरानी सही ढंग से नहीं होती, जिससे इस तरह के फर्जीवाड़े को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने मांग की है कि केवल परीक्षा रद्द करना ही काफी नहीं है, बल्कि नकल कराने में लिप्त केंद्र संचालक, वीक्षकों और दोषी छात्रों के खिलाफ भी सख्त कानूनी मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

इस घटना ने एक बार फिर राजस्थान में परीक्षाओं के आयोजन और उनकी पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामूहिक नकल के इस मामले से विश्वविद्यालय की साख पर बुरा असर पड़ा है। परीक्षा रद्द होने के कारण उन सैकड़ों निर्दोष विद्यार्थियों को भी दोबारा परीक्षा में बैठना पड़ेगा, जिन्होंने ईमानदारी से अपनी तैयारी की थी।

यह घटना दर्शाती है कि उच्च शिक्षा क्षेत्र में कुछ गैर-जिम्मेदार केंद्रों की वजह से पूरी शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर आंच आती है। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग पर भी अब निजी परीक्षा केंद्रों के कड़े निरीक्षण और सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्य निगरानी को लागू करने का दबाव बढ़ गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने घोषणा की है कि रद्द की गई PGDCA परीक्षा की नई तिथियों की घोषणा जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जाएगी। नए सिरे से आयोजित होने वाली परीक्षा पूरी तरह से सरकारी कॉलेजों या कड़े सुरक्षा इंतजामों वाले केंद्रों पर कराने की योजना बनाई जा रही है। जांच समिति को तीन दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर दोषी परीक्षा केंद्र के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और नकल में शामिल पाए गए परीक्षार्थियों के परिणाम पर रोक लगाते हुए उन्हें अनुचित साधन प्रयोग (UFM) के तहत नोटिस जारी किया जाएगा।

Also Read- अनंतपुर में भीषण सड़क दुर्घटना: पुल से नीचे गिरे वोल्वो बस और ट्रक, परखच्चे उड़े, 40 यात्री घायल

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow