समग्र शिक्षा समिति की बैठक में फैसला: आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में 25 फीसदी बढ़ोतरी, निपुण भारत मिशन का कक्षा 5 तक विस्तार
समग्र शिक्षा कार्यकारी समिति की बैठक में सेवा प्रदाता कर्मियों का मानदेय 25% बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। निपुण भारत मिशन का दायरा कक्षा 5 तक बढ़ा।
समग्र शिक्षा कार्यकारी समिति की बैठक: आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में 25 प्रतिशत वृद्धि मंजूर, कक्षा 5 तक बढ़ा निपुण भारत मिशन का दायरा
लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आयोजित समग्र शिक्षा कार्यकारी समिति की समीक्षा बैठक में राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में आउटसोर्सिंग एवं सेवा प्रदाता एजेंसियों के माध्यम से जिला व राज्य परियोजना कार्यालयों में काम कर रहे कर्मियों के मानदेय में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। इन कर्मचारियों के मानदेय में वर्ष 2020 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ था।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि भारत सरकार के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड द्वारा स्वीकृत 11,902.85 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग मिलकर काम करें। अभिभावकों को बच्चों की पोशाक के लिए भेजी जाने वाली डीबीटी राशि का उपयोग सही ढंग से यूनिफॉर्म खरीदने में कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही स्कूलों में स्थापित स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, भौतिकी और रसायन विज्ञान की प्रयोगशालाओं के उपकरणों का नियमित मूल्यांकन और उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में निपुण भारत मिशन के दायरे को विस्तार देते हुए इसे कक्षा 3 से 5 तक लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत हिंदी, गणित, अंग्रेजी और पर्यावरण अध्ययन विषयों के लिए विशिष्ट शैक्षणिक लक्ष्य तय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में ड्रीम लैब की स्थापना के लिए वैश्विक औद्योगिक समूहों के साथ हुए समझौतों और माध्यमिक विद्यालयों के सुरक्षा परीक्षण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बैठक में बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य और स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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