सम्भल में भड़काऊ बयानों पर प्रशासनिक कार्रवाई: भाजपा नेता व मस्जिद सदर समेत चार को नोटिस
सम्भल में सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयानबाजी को लेकर प्रशासन सख्त। भाजपा नेता राजेश सिंघल और जामा मस्जिद सदर जफर अली समेत चार लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
जिले में सोशल मीडिया पर बयानबाजी और दो समुदायों के बीच शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने भाजपा नेता राजेश सिंघल, शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली, शकील अहमद और ममलुकुर्रहमान बर्क को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत नोटिस जारी किए हैं।

प्रशासन की ओर से 25 सितंबर 2026 को जारी नोटिस में चारों लोगों को 3 अक्टूबर को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की आख्या के मुताबिक, संबंधित व्यक्तियों पर राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयानबाजी और अनावश्यक भाषण देने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने आशंका जताई है कि ऐसी बयानबाजी से दो समुदायों के बीच शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। आख्या में पूर्व में भी बयानबाजी के मामलों में अभियोग दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।

6 महीने के लिए 20-20 हजार की जमानत का प्रस्ताव
सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने पुलिस की रिपोर्ट से संतुष्ट होकर चारों व्यक्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि क्यों न प्रत्येक व्यक्ति से छह महीने तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 हजार रुपये की जमानत और इतनी ही धनराशि का निजी बंधपत्र (पर्सनल बॉन्ड) निष्पादित कराया जाए। राजेश सिंघल और जफर अली के मामले में कोतवाली सम्भल पुलिस की आख्या, जबकि शकील अहमद और ममलुकुर्रहमान बर्क के मामले में नखासा पुलिस की आख्या के आधार पर कार्रवाई की गई है।

फिलहाल चारों को 3 अक्टूबर को अदालत में पेश होकर अपना जवाब देना होगा। नोटिस में लगाए गए आरोप प्रशासन और पुलिस की आख्या पर आधारित हैं। अंतिम निर्णय न्यायालय की कार्यवाही के बाद होगा। यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126, 130 और 131 के तहत नोटिस तथा धारा 126/135 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यवाही से संबंधित है।
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