Sambhal : यादव-दलित को मिला हक, मुसलमान आज भी महरूम - AIMIM ने सपा-बसपा पर साधा निशाना
एआईएमआईएम नेता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन तमाम बड़े राजनीतिक बदलावों के बाद भी मुस्लिम समाज विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय की मुख्यधारा से पूरी तरह अलग-थलग रह गया।
Report : उवैस दानिश, सम्भल
एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इन दलों ने अपनी-अपनी जातियों को सत्ता और सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी दिलाई, लेकिन मुसलमानों को उनका हक नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि जब यादव समाज एकजुट होकर मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा हुआ तो चार बार सरकार बनी और यादव समाज के लोगों को प्रशासनिक पदों से लेकर सरकारी नौकरियों तक बड़ी भागीदारी मिली। इसी तरह उन्होंने कहा कि कांशीराम और मायावती के नेतृत्व में दलित समाज संगठित हुआ, जिसके बाद बसपा की सरकारें बनीं और दलितों को भी अधिकार, सम्मान और हिस्सेदारी मिली। असद अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि इन सभी राजनीतिक बदलावों के बावजूद मुस्लिम समाज विकास, रोजगार और न्याय से वंचित रह गया। उन्होंने कहा कि सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्रा आयोग की रिपोर्टों में भी मुस्लिम समाज की बदहाल स्थिति का उल्लेख किया गया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि डर और ध्रुवीकरण की राजनीति के जरिए मुस्लिम वोटों का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया, लेकिन समुदाय को उसका लाभ नहीं मिला। AIMIM नेता ने कहा कि पार्टी प्रमुख बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी मुसलमानों से अपने वोट की ताकत पहचानने और राजनीतिक रूप से संगठित होने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्य समाजों ने एकजुट होकर अपनी हिस्सेदारी हासिल की, उसी तरह मुसलमानों को भी अपने अधिकार और इंसाफ के लिए राजनीतिक रूप से मजबूत होना होगा।
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