Sambhal : सम्भल में अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, मैरिज हॉल ढहा, मस्जिद को खुद हटाने के आदेश
गांव में संभावित विरोध को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी तैनात रही। पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया
Report : उवैस दानिश, सम्भल
जिले में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। दशहरे के दिन असमोली थाना क्षेत्र के राया बुजुर्ग गांव में तालाब की जमीन पर बने मैरिज हॉल को प्रशासन ने बुलडोजर से जमींदोज करने का काम किया जा रहा है। मैरिज हॉल के कुछ दूरी पर बनी मस्जिद को लेकर भी कार्रवाई प्रस्तावित है। मस्जिद कमेटी ने इसे खुद हटाने के लिए प्रशासन से चार दिन का समय मांगा है। मस्जिद को खुद मस्जिद कमेटी के लोग हटा रहे है।
प्रशासन के मुताबिक, जिस जमीन पर यह निर्माण किया गया था, वह ग्राम समाज और तालाब की भूमि है। करीब 2810 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में मैरिज हॉल और 510 वर्ग मीटर में मस्जिद का अवैध निर्माण किया गया था। 2 सितंबर को तहसीलदार की ओर से नोटिस जारी कर कब्जाधारियों से साक्ष्य मांगे गए थे। वैध दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर धारा 67 के तहत कार्रवाई शुरू हुई और 30 दिन का समय दिया गया। तय अवधि पूरी होने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया।
डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि कोर्ट में सभी पक्षों को सुनने के बाद तहसीलदार कोर्ट ने आदेश पारित किया था। जब समय सीमा में कब्जा नहीं हटाया गया तो प्रशासन ने कार्रवाई की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तालाब की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गांव में संभावित विरोध को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी तैनात रही। पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया और ग्रामीणों से घरों में रहने की अपील की गई। साथ ही पूरी कार्रवाई की ड्रोन कैमरे से निगरानी भी की गई।
कार्रवाई के दौरान मस्जिद कमेटी के लोग डीएम और एसपी से मिले और मस्जिद को स्वयं हटाने के लिए चार दिन का समय मांगा। इस संबंध में उन्होंने लिखित नोटिस भी सौंपा है। हालांकि प्रशासन ने इस पर फिलहाल कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है।
एसपी केके बिश्नोई ने कहा कि कब्जाधारियों को पहले ही पर्याप्त समय दिया गया था। 30 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद प्रशासन द्वारा खुद कार्रवाई करना जरूरी हो गया। उन्होंने बताया कि यह निर्माण कई बीघा तालाब की जमीन पर किया गया था, जिस पर किसी भी सूरत में कब्जा स्वीकार्य नहीं है।
गौरतलब है कि 13 सितंबर को ही राजस्व विभाग की टीम ने अवैध निर्माणों को चिह्नित कर लाल निशान लगाया था। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट के आदेश के आधार पर की जा रही है और जिले में अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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