Semicon India 2026: दिल्ली के यशोभूमि में दिखेगी यूपी के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की ताकत, वैश्विक दिग्गजों के सामने पेश होगी औद्योगिक नीति

नई दिल्ली के यशोभूमि में 17 से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 'सेमीकॉन इंडिया' में उत्तर प्रदेश अपने उभरते सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का प्रदर्शन करेगा।

By INA News Desk
Sep 16, 2026 - 22:58
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Semicon India 2026: दिल्ली के यशोभूमि में दिखेगी यूपी के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की ताकत, वैश्विक दिग्गजों के सामने पेश होगी औद्योगिक नीति

लखनऊ/नई दिल्ली। वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में तेजी से बदलते सेमीकंडक्टर और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्तर प्रदेश अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार है। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के द्वारका स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (यशोभूमि) में 17 से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ में राज्य सरकार अपने उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, आधुनिक बुनियादी ढांचे, अनुकूल नीतिगत वातावरण और भविष्योन्मुखी योजनाओं को दुनिया के सामने रखेगी।

इस वैश्विक मंच पर दुनिया भर की प्रमुख सेमीकंडक्टर निर्माण कंपनियां, चिप डिजाइनर्स, उपकरण निर्माता, वैश्विक तकनीकी निवेशक, विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधिमंडल, भारतीय उद्योग जगत के नीति-निर्माता और नवोन्मेषी स्टार्टअप एक छत के नीचे एकत्र हो रहे हैं। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘ट्रांसफॉर्म टुमारो–सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग ग्लोबल सप्लाई चैन्स’ (Transform Tomorrow–Silicon to Systems: Building Global Supply Chains) निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत सिलिकॉन वेफर फैब्रिकेशन से लेकर असेंबली, टेस्टिंग, पैकेजिंग और अंतिम इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम निर्माण तक की पूरी वैल्यू चेन पर गहन विमर्श होगा।

यशोभूमि में यूपी का विशेष फोकस: इलेक्ट्रॉनिक्स से सेमीकंडक्टर तक का सफर

उत्तर प्रदेश पहले से ही देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्रों में प्रमुख स्थान रखता है। विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र मोबाइल हैंडसेट निर्माण, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और डिस्प्ले घटकों के राष्ट्रीय उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। अब राज्य सरकार इस स्थापित औद्योगिक आधार का विस्तार सेमीकंडक्टर वेफर फैब्रिकेशन (Fab Units), कंपाउंड सेमीकंडक्टर और ओसैट/एटीएमपी (OSAT/ATMP) इकाइयों के विकास तक करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से विशेष ऑडियो-विजुअल और प्रचार माध्यमों के जरिए राज्य की तैयारियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश की समर्पित सेमीकंडक्टर नीति, पूंजीगत सब्सिडी, भूमि आवंटन की सरल प्रक्रिया, निरंतर विद्युत और निर्बाध शुद्ध जल आपूर्ति जैसी अनिवार्य सुविधाओं का खाका वैश्विक प्रतिनिधियों के सम्मुख प्रस्तुत होगा।

500 से ज्यादा प्रदर्शक और 2 लाख वर्गफुट में विशाल आयोजन

यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन पैमाने और सहभागिता दोनों दृष्टि से अभूतपूर्व होने जा रहा है। यशोभूमि परिसर में लगभग 2 लाख वर्गफुट के विस्तृत क्षेत्रफल में प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के 500 से अधिक प्रमुख प्रदर्शक अपने उत्पादों, तकनीकी नवाचारों और विनिर्माण क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।

आयोजन की प्रमुख संरचना निम्नवत है:

  • स्टेट पवेलियन: भारत के 10 प्रमुख राज्यों के समर्पित पवेलियन, जहां संबंधित राज्य अपने औद्योगिक अवसरों को प्रदर्शित करेंगे। उत्तर प्रदेश का पवेलियन निवेश अनुकूलता और बुनियादी ढांचे के मामले में मुख्य आकर्षणों में रहेगा।

  • कंट्री पवेलियन: ताइवान, दक्षिण कोरिया, जापान, अमेरिका और यूरोपीय देशों सहित 7 अंतरराष्ट्रीय कंट्री पवेलियन, जो क्रॉस-बॉर्डर सप्लाई चेन साझेदारी को बढ़ावा देंगे।

  • स्टार्टअप पवेलियन: चिप डिजाइन, फैबलेस आर्किटेक्चर और हार्डवेयर नवाचार में कार्यरत 40 चयनित स्टार्टअप्स के लिए विशेष मंच।

  • संवाद और विचार सत्र: 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय वक्ताओं की सहभागिता के साथ राज्य सरकारों के राउंडटेबल, तकनीकी प्रशिक्षण सत्र और विशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक घटकों पर केंद्रित सत्र आयोजित होंगे।

वैश्विक चिप निर्माताओं के साथ राउंडटेबल और निवेश वार्ता

कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और प्रौद्योगिकी प्रमुखों के साथ 'कंट्री राउंडटेबल' और द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेगा। इन बैठकों का उद्देश्य बहुराष्ट्रीय तकनीकी फर्मों को राज्य में अपनी अनुसंधान एवं विकास (R&D) इकाइयां, फैब्रिकेशन प्लांट्स और पैकेजिंग हब स्थापित करने के लिए आमंत्रित करना है।

राज्य सरकार का रणनीतिक लाभ उसका विशाल एक्सप्रेसवे नेटवर्क, जेवर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तक सीधी पहुंच है। इसके अतिरिक्त, सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए आवश्यक अति-विशिष्ट औद्योगिक ग्रेड की जमीन और सुरक्षित बुनियादी ढांचा पहले से ही क्लस्टर आधारित विकास मॉडल के तहत चिन्हित किया जा चुका है।

कार्यबल (टैलेंट पूल) की तैयारी

सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना में सबसे बड़ी जरूरत उच्च-कुशल कार्यबल (स्किल्ड वर्कफोर्स) की होती है। सेमीकॉन इंडिया 2026 में इस विषय पर भी विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है।

उत्तर प्रदेश सरकार इस मंच के माध्यम से यह रेखांकित करेगी कि राज्य अपने प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों जैसे आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू, ट्रिपलआईटी इलाहाबाद और एकेटीयू से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों के सहयोग से वीएलएसआई (VLSI) डिजाइन, सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स और नैनोटेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में विशेष पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को राज्य में निवेश करने पर तत्काल प्रशिक्षित इंजीनियरों और तकनीशियनों का विशाल कार्यबल स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा।

इस तीन दिवसीय आयोजन में उत्तर प्रदेश की सक्रिय भागीदारी से राज्य को केवल उपभोक्ता बाजार के बजाय 'उच्च तकनीक निर्माता' के रूप में स्थापित करने के प्रयासों को वैश्विक गति मिलने की उम्मीद है।

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