शाहाबाद रामलीला में रावण वध का जीवंत मंचन: प्रभु श्रीराम के 31 बाणों से सूखा अमृत, गूंजा जयकारा
हरदोई के शाहाबाद में ऐतिहासिक चौक रामलीला का भव्य समापन। अयोध्या के कलाकारों ने किया रावण वध का मंचन, पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू ने की शिरकत।
जनपद हरदोई के शाहाबाद स्थित श्री बाल रामलीला नाट्य कला मंदिर चौक के तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक रामलीला मेले का समापन भव्य और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। मेले की अंतिम रात्रि जयशिव रामलीला मंडल रामनगरी (अयोध्या) से पधारे कलाकारों द्वारा मेघनाद वध, अहिरावण उद्धार, कुम्भकर्ण वध तथा रावण वध प्रसंग की अत्यंत मार्मिक और जीवंत प्रस्तुति दी गई।

युद्धभूमि में जब दशानन किसी अस्त्र-शस्त्र से परास्त नहीं हुआ, तब विभीषण के गुप्त भेद पर प्रभु श्रीराम ने एक साथ 31 बाण चलाकर उसकी नाभि के अमृत कुंड को सुखा दिया और अहंकारी रावण का संहार किया। लंकापति के धराशायी होते ही समूचा मेला परिसर 'जय श्री राम' के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात मध्य रात्रि को भव्य आतिशबाजी के बीच विभीषण के हाथों रावण के विशालकाय पुतले का दहन कराया गया, जिसके साक्षी बनने के लिए आधी रात तक हजारों श्रद्धालु डटे रहे।

मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का पावन चरित्र संपूर्ण मानवता को सत्य, धर्म, त्याग, मर्यादा और कर्तव्य-निष्ठा के मार्ग पर चलने की अमर प्रेरणा देता है। रामलीला केवल एक पारंपरिक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और सामाजिक समरसता का जीवंत दर्पण है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म की शाश्वत विजय का प्रतीक है। मेला कमेटी ने मुख्य अतिथि को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया, जबकि मेलाध्यक्ष चौधरी उमेश गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया।

रावण वध के उपरांत कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार राय ने प्रभु श्रीराम व लक्ष्मण स्वरूपों की आरती उतारकर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद कमेटी द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार व प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार राय के नेतृत्व में पुलिस बल निरंतर मुस्तैद रहा।
इस ऐतिहासिक महोत्सव के सफल आयोजन में मेलाध्यक्ष उमेश चौधरी, संस्थापक राजेश बाबू वर्मा, संरक्षक विनोद प्रकाश गुप्ता, रमाकांत मिश्रा, संजय मिश्रा, शिव कुमार गुप्ता, सत्यप्रकाश गुप्ता, विशिष्ट उपाध्यक्ष अतुल गुप्ता, शिव नंदन लाल वर्मा, मनीष रस्तोगी, सत्यवीर शुक्ला, डॉ. मनीष शर्मा, देवेंद्र गुप्त, सुमेंद्र मिश्रा, कोषाध्यक्ष जयप्रकाश वर्मा, निर्देशक अमरेश द्विवेदी, व्यवस्थापक दिनेश चंद्र सैनी, मनोज राठौर, रवि मिश्रा, वंश तिवारी तथा मंच व्यवस्थापक कमलेश शुक्ला, राहुल श्रीवास्तव व शरद सैनी सहित मेला कमेटी के समस्त पदाधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही।
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