नैमिषारण्य में विहिप के स्थापना दिवस पर निकली हिंदू जन जागरण यात्रा, सामाजिक समरसता पर जोर
नैमिषारण्य में विहिप के 62वें स्थापना दिवस पर भव्य जन जागरण यात्रा निकली। संतों ने जातिगत भेदभाव मिटाकर सामाजिक समरसता और सनातन धर्म रक्षा का आह्वान किया।
रिपोर्ट:-सुरेंद्र मोठी INA News ???? संवाददाता नैमिषारण्य
नैमिषारण्य (सीतापुर)। धर्मनगरी नैमिषारण्य में विश्व हिंदू परिषद के 62वें स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य हिंदू जन जागरण यात्रा निकाली गई। पहला आश्रम से शुरू हुई इस यात्रा में आधुनिक रथ पर सजाई गई भगवान राम की मनोहारी छवि आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रही। वैदिक विधि-विधान से पूजन के बाद शुरू हुई यात्रा में साधु-संतों, धर्माचार्यों, बटुकों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भागीदारी निभाई।
यात्रा के दौरान वक्ताओं और संत समाज ने हिंदू समाज में एकता, सामाजिक समरसता और सनातन परंपराओं के संरक्षण का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि समाज से ऊंच-नीच और जातिगत भेदभाव को पूरी तरह समाप्त कर संगठित समाज का निर्माण करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं, संस्कारों और राष्ट्रभक्ति के उच्च आदर्शों से जोड़ने के साथ धर्मांतरण जैसी सामाजिक विसंगतियों से सचेत रहने की बात कही गई।
समारोह में उपस्थित प्रमुख संतों में महामंडलेश्वर सदाशिवेंद्र महाराज, चौरासी कोसीय परिक्रमा समिति प्रमुख नारायण दास, बनगढ़ आश्रम के संतोष दास खाकी, हनुमानगढ़ी के पवन दास, राजनारायण दास पाण्डेय, कथावाचक सुरेश दास अवस्थी, रामानुज माता जी और प्रीतम दास ने विचार व्यक्त किए। संतों ने परिषद के 62वें वर्ष में प्रवेश करने पर बधाई देते हुए सनातन धर्म के उत्थान के लिए निरंतर सक्रिय रहने की सीख दी।
इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक अभिषेक, विभाग मंत्री उत्तम सिंह, विभाग संयोजक अनुज भदौरिया, कार्याध्यक्ष प्रमोद सिंह, जिला उपाध्यक्ष सुनीत पाण्डेय, जिला संयोजक शिवम अर्कवंशी, विवेक शास्त्री, सुरेश दास और प्रदीप सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पहला आश्रम से रवाना होकर यह यात्रा ललिता देवी मंदिर चौराहा, चक्रतीर्थ, रामानुज मंदिर और कालीपीठ चौक से होते हुए वापस अपने प्रस्थान स्थल पर संपन्न हुई। यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने पुष्प बरसाकर यात्रियों का भव्य स्वागत किया। यात्रा के चलते समूचे तीर्थ क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
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