सीतापुर में कीटनाशक दुकानों पर कृषि विभाग के छापे, 34 दुकानों की जांच कर 11 सैंपल प्रयोगशाला भेजे
सीतापुर जिले में नकली कीटनाशकों की बिक्री रोकने के लिए कृषि विभाग ने 34 दुकानों पर छापेमारी की। गड़बड़ी मिलने पर तीन दुकानदारों को नोटिस दिया गया।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर जिले के किसानों को खेती-किसानी के लिए बेहतर और असली कृषि रक्षा रसायन उपलब्ध कराने के मकसद से एक बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी के विशेष आदेश पर कृषि विभाग की अलग-अलग टीमों ने पूरे जिले में कीटनाशक बेचने वाली दुकानों और प्रतिष्ठानों पर अचानक छापेमारी की। इस औचक निरीक्षण अभियान के दौरान जिले की विभिन्न तहसीलों में संचालित कुल 34 दुकानों के स्टॉक और दस्तावेजों की सघन जांच की गई। इसके साथ ही संदेह के आधार पर 11 कीटनाशी दवाओं के नमूने (सैंपल) लेकर उन्हें गुणवत्ता की परख के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों ने सीतापुर सदर, बिसवां, सिधौली, महमूदाबाद, महोली, मिश्रिख और लहरपुर जैसी प्रमुख तहसीलों के बाजारों में यह जांच अभियान चलाया। इस कार्रवाई से कीटनाशक दवाइयां बेचने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया। दुकानों के निरीक्षण के दौरान जिन तीन जगहों पर नियमों की अनदेखी और स्टॉक में अनियमितताएं पाई गईं, उनके खिलाफ तत्काल कदम उठाते हुए संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की बड़ी कार्रवाई तय होगी। यदि किसी भी नमूने में मिलावट या मानक से कम गुणवत्ता पाई जाती है, तो दोषी दुकानदारों के खिलाफ कीटनाशी अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत कानूनी कदम उठाए जाएंगे और उनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं। इस प्रशासनिक मुहिम का मुख्य उद्देश्य बाजार में नकली या कम मानक वाले कीटनाशकों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाना है, ताकि किसानों की फसलों को नुकसान से बचाया जा सके और उन्हें सही दाम पर सही दवा मिल सके।
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