Sitapur : लहरपुर सीएचसी में डॉक्टरों की कमी से मरीज बेहाल, मात्र दो चिकित्सकों के भरोसे अस्पताल

अस्पताल में सिर्फ डॉक्टरों की ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों की भी कमी है। दवा काउंटर पर केवल एक ही फार्मासिस्ट होने के कारण मरीजों को दवा लेने के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। इसके अलावा पर्चा काउंटर पर भी पर्चा बनवाने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। इस स्वास्थ्य कें

By INA News Desk
Jun 19, 2026 - 22:04
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Sitapur : लहरपुर सीएचसी में डॉक्टरों की कमी से मरीज बेहाल, मात्र दो चिकित्सकों के भरोसे अस्पताल
Sitapur : लहरपुर सीएचसी में डॉक्टरों की कमी से मरीज बेहाल, मात्र दो चिकित्सकों के भरोसे अस्पताल

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

सीतापुर: लहरपुर के स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन डॉक्टरों की कमी के चलते लोगों को इलाज के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। इलाके में फैले वायरल बुखार, खांसी, जुकाम, उल्टी और दस्त जैसी बीमारियों के कारण रोजाना सैकड़ों मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों की कमी की वजह से मरीजों को इलाज मिलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में खांसी, जुकाम और त्वचा रोग के ४०० से अधिक मरीज पहुंचे, जिन्हें देखने के लिए सिर्फ दो डॉक्टर, गोविंद गुप्ता और सचिन शास्त्री ही मौजूद थे। इसके चलते अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई और भीषण गर्मी के कारण मरीज परेशान हो उठे। मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए अधीक्षक डॉक्टर अरविंद वाजपेई ने भी खुद बैठकर मरीजों को देखा और राहत देने की कोशिश की।

अस्पताल में सिर्फ डॉक्टरों की ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों की भी कमी है। दवा काउंटर पर केवल एक ही फार्मासिस्ट होने के कारण मरीजों को दवा लेने के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। इसके अलावा पर्चा काउंटर पर भी पर्चा बनवाने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। इस स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग, महिला रोग, हृदय रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली हैं, जिसके कारण गंभीर मरीजों को सीधे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में दस बेड का पोषण पुनर्वास केंद्र भी बनाया गया है, लेकिन सवा साल बीतने के बाद भी यहां बच्चों के डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। इससे भर्ती होने वाले कुपोषित बच्चों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर अरविंद वाजपेई ने बताया कि इस समय रोजाना ४०० नए और करीब २५० पुराने मरीज आ रहे हैं, जिन्हें स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। डॉक्टरों की कमी की समस्या से उच्च अधिकारियों को लिखित में सूचित कर दिया गया है।

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