राम मंदिर दान मामले में निष्पक्ष जाँच और ट्रस्ट में सूर्यवंशी समाज को शामिल करने के लिए कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने मुख्य रूप से पाँच माँगें रखी हैं, जिनमें राम मंदिर ट्रस्ट के आय-व्यय के विवरण को सार्वजनिक करने, मंदिर की संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कराने और जाँच रिपोर्ट को जनता के सामने लाने की बात कही गई है। इसके साथ ही उन्होंने विशेष रूप से माँग की है कि मं
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे और संपत्ति को लेकर हाल ही में सामने आई शिकायतों पर ब्रज के संतों ने गहरी चिंता और नाराज़गी जताई है। सनातन धर्म रक्षापीठ वृंदावन के पीठाधीश्वर और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के पक्षकार कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने मंदिर के चढ़ावे और आभूषणों से जुड़ी शिकायतों की जाँच के लिए एक विशेष समिति गठित करने की माँग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके। उन्होंने इस विषय को मुख्यमंत्री पोर्टल के जरिए भी शासन के समक्ष उठाया है।
कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने मुख्य रूप से पाँच माँगें रखी हैं, जिनमें राम मंदिर ट्रस्ट के आय-व्यय के विवरण को सार्वजनिक करने, मंदिर की संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कराने और जाँच रिपोर्ट को जनता के सामने लाने की बात कही गई है। इसके साथ ही उन्होंने विशेष रूप से माँग की है कि मंदिर ट्रस्ट में रघुवंशी और सूर्यवंशी क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। पत्र में तर्क दिया गया है कि भगवान श्रीराम सूर्यवंश के रघुकुल शिरोमणि थे, इसलिए उनके कुलवंश से जुड़े समाज और विभिन्न समुदायों के धार्मिक विचारों वाले व्यक्तियों को ट्रस्ट में जगह मिलनी चाहिए। इससे मंदिर के कामकाज और वित्तीय लेन-देन में पूरी पारदर्शिता आएगी।
इस विषय पर पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने भी पहले सूर्यवंशी और रघुवंशी समाज की भागीदारी की बात कही थी। अब इसी कड़ी में सनातन धर्म रक्षापीठ ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले में दखल देने का अनुरोध किया है। ब्रज के अन्य संतों ने भी इस पत्र का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री से जल्द से जल्द निष्पक्ष जाँच कराने की अपील की है ताकि इस धार्मिक स्थल की गरिमा बनी रहे।
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