रोहिणी घावरी vs चंद्रशेखर आजाद- मेरठ कपसाड़ कांड में रोहिणी घावरी का तीखा हमला, कहा- दौड़-भाग, दीवार फांदने वाला 'नौटंकीबाज़ रीलबाज़ नेता'
इन्हीं वीडियो पर चंद्रशेखर की पूर्व गर्लफ्रेंड डॉ. रोहिणी घावरी ने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जमकर तंज कसे हैं। रोहिणी ने चंद्रशेखर को "नौटंकीबाज़ लड़कीबा
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के कपसाड़ गांव में एक दलित महिला की हत्या और उनकी बेटी के अपहरण के सनसनीखेज मामले ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इस घटना के बाद नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गांव में प्रवेश नहीं करने दिया। इस दौरान चंद्रशेखर की पुलिस के साथ दौड़-भाग, दीवार फांदने और हाईवे पर भागने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
इन्हीं वीडियो पर चंद्रशेखर की पूर्व गर्लफ्रेंड डॉ. रोहिणी घावरी ने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जमकर तंज कसे हैं। रोहिणी ने चंद्रशेखर को "नौटंकीबाज़ लड़कीबाज़ रीलबाज़ नेता" बताते हुए उनकी भूमिका को पूरी तरह दिखावटी करार दिया।
रोहिणी घावरी के फेसबुक पोस्ट में प्रमुख आरोप
रोहिणी घावरी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि चंद्रशेखर "सिर्फ दौड़ लगाने और रील बनवाने गया था"। उन्होंने कहा, "इससे ज़्यादा कुछ भी करने की इसकी औक़ात नहीं!!"
उन्होंने आगे आरोप लगाया:
- घटना के दो दिन पहले चंद्रशेखर कश्मीर की वादियों में घूम रहे थे और जैसे ही अखिलेश यादव व अन्य दलों ने मोर्चा संभाला, मजबूरी में उन्हें आना पड़ा।
- अगर सच में पीड़ित परिवार से मिलना था तो ऐलान करके तमाशा क्यों खड़ा किया? चुपचाप भी गांव पहुंच सकते थे।
- हाथरस कांड का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जो नेता उस वक्त बेटी को न्याय नहीं दिला सके, वे आज रूबी (अपहृत लड़की) और उसके परिवार को क्या न्याय दिलाएंगे?
एक अन्य पोस्ट में रोहिणी ने लिखा: "जब यह दलाल कश्मीर में अय्याशी कर रहा था तब 4 दिन से बसपा मेरठ में जाटव पीड़ित परिवार के घर उनके साथ थी उनकी मदद कर रही थी इसकी तरह रीलबाज़ी नहीं की!!" उन्होंने बसपा को जाटव समाज की सच्ची हितैषी बताते हुए लोगों से चंद्रशेखर के लिए वोट-नोट बर्बाद न करने की अपील की।
घटना का क्रम और चंद्रशेखर की कोशिश
घटना 8 जनवरी 2026 को हुई, जब कपसाड़ गांव में एक दलित महिला अपनी 20 वर्षीय बेटी के साथ खेत जा रही थी। आरोपियों ने बेटी का अपहरण किया और विरोध पर मां की हत्या कर दी। पुलिस ने बाद में मुख्य आरोपी पारस सोम और अन्य को गिरफ्तार कर अपहृत लड़की को सुरक्षित बरामद किया।
मेरठ हत्याकांड में राजपुत समाज के नेता संगीत सोम ने पीड़िता का अंतिम संस्कार कराया !!
समाजवादी नेता अतुल प्रधान ने परिवार की आर्थिक मदद की !!
बसपा ने 4 दिन ने न्याय की लड़ाई लड़ रही है !!
और एक यह नौटंकीबाज दौड़ लगाके रील्स बना के आ गया परिवार से मिला तक नहीं !!
जब सब… pic.twitter.com/PPkFKsQd44 — Dr Rohini Ghavari ( रोहिणी ) (@DrRohinighavari) January 11, 2026
चंद्रशेखर आजाद शनिवार को दिल्ली से मेरठ के लिए निकले। पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर, डासना बॉर्डर और काशी टोल प्लाजा पर उन्हें रोकने की कोशिश की। चंद्रशेखर ने कथित तौर पर 8 फीट ऊंची दीवार फांदी, डिवाइडर कूदे, हाईवे पर दौड़े और एक अनजान बाइक सवार से लिफ्ट ली। इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जाम लग गया। अंततः उन्हें काशी टोल पर रोका गया, जहां उन्होंने धरना दिया लेकिन गांव नहीं पहुंच सके।
उनके समर्थकों ने इन वीडियो को शेयर कर उनकी फिटनेस और बहादुरी की तारीफ की।
अन्य दलों की भूमिका और रोहिणी का तुलनात्मक हमला
रोहिणी घावरी ने पोस्ट में अन्य नेताओं की सराहना की:
- राजपूत समाज के नेता संगीत सोम ने पीड़िता का अंतिम संस्कार कराया।
- समाजवादी पार्टी के नेता अतुल प्रधान ने परिवार को आर्थिक मदद दी।
- बसपा पिछले चार दिनों से न्याय की लड़ाई लड़ रही है।
उन्होंने चंद्रशेखर को "फर्जी नेता" और "आंधी बनकर आया लेकिन मिल नहीं पाया" कहकर निशाना साधा।
रोहिणी घावरी और चंद्रशेखर का पुराना विवाद
डॉ. रोहिणी घावरी इंदौर की मूल निवासी हैं और सफाईकर्मी की बेटी हैं। उन्होंने 2019 में पढ़ाई के लिए स्विट्जरलैंड जाकर पीएचडी की। दोनों के बीच तीन साल तक रिश्ता रहा, लेकिन बाद में रोहिणी ने चंद्रशेखर पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। तब से वह सोशल मीडिया पर लगातार उन पर हमला बोल रही हैं। यह कपसाड़ कांड में उनका नवीनतम तंज है, जो राजनीतिक रंग ले चुके मामले को और गरमा रहा है।
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