Lucknow: मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग की समीक्षा की, सभी विभागों को बजट खर्च में तेजी लाने के दिये निर्देश। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह वित्तीय वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा विभिन्न विभागों काे जारी बजट के व्यय काे लेकर वित्त विभाग की

Jan 2, 2026 - 17:35
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Lucknow: मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग की समीक्षा की, सभी विभागों को बजट खर्च में तेजी लाने के दिये निर्देश। 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सरकारी आवास 5- कालिदास मार्ग लखनऊ पर वित्त विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए।
  • मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न विभागों को जारी बजट के व्यय को लेकर वित्त विभाग की समीक्षा की 
  • मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि सभी विभाग समय से आवंटन बजट का करें इस्तेमाल, न हो कोई लापरवाही 
  • बोले, समय से बजट व्यय के लिए हर स्तर पर एक-एक अधिकारी की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय हो
  • मुख्यमंत्री जी ने वित्त विभाग को निर्देश दिये कि अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की नई कार्ययोजना पर अभी से शुरू कर दें तैयारियां

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह वित्तीय वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा विभिन्न विभागों काे जारी बजट के व्यय काे लेकर वित्त विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभागाें के बजट प्राविधान के सापेक्ष शासन द्वारा जारी स्वीकृतियों, विभागाध्यक्ष द्वारा आवंटन, व्यय आदि की अद्धयावधिक प्रगति पर अधिक बजट प्राविधान वाले प्रमुख 20 विभागों का प्रस्तुतिकरण किया गया। 

  • जिन विभागों में बजट व्यय में प्रगति धीमी, वे लाएं तेजी, हर अधिकारी की तय हो जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रमुख 20 विभागों के प्रस्तुतिकरण की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने सभी प्रमुख विभाग के उच्च अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी विभाग समय से आवंटन बजट का इस्तेमाल करें ताकि परियोजनाएं और योजनाएं समय से पूरी हो सकें और प्रदेशवासी इन योजनाअों लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बजट को समय से खर्च करने के लिए अधिकारी निर्णय लेने का सामथ्र्य विकसित करें। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, वह इसमें तेजी लाएं। साथ ही बजट को समय से खर्च करने के लिए हर स्तर पर एक-एक अधिकारी की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय हो। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी विभाग के अधिकारी तुंरत निर्णय लें। उन्हाेंने कहा कि निर्णय लेने में देरी से समय से बजट व्यय नहीं हो पाता है। ऐसे में निर्णय लेने में तेजी दिखाएं। 

  • विभाग मंत्री, एसीएस और प्रमुख सचिव केंद्र सरकार से बजट जारी करने के लिए दिल्ली जाएं और पैरवी करें

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कुछ विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है। इसमें तेजी लाने के लिए विभागीय मंत्री और अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर हर माह बैठक करें। वहीं मुख्यमंत्री जी ने वित्त विभाग को निर्देश दिये कि जिन विभागों के आवंटन बजट के कुछ अंश को अभी तक किंहीं कारणों से जारी नहीं किया गया है, उन विभागों को तत्काल बजट आवंटित करें। उन्होंने सभी प्रमुख 20 विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन विभागों को विभिन्न योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से बजट जारी किया जाता है। इसके लिए विभाग के मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से बजट जारी करने के लिए पैरवी करें। इसके साथ ही केंद्र सरकार को पत्र लिखें और फोन से फालोअप करें। इसको लेकर मुख्य सचिव भी इनोसेटिव लें। मुख्यमंत्री जी ने अपने कार्यालय को निर्देश दिये कि जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, उनको चिन्हित करें और उनके विभाग के मंत्रियों को मुख्यमंत्री कार्यालय की और से पत्र जारी करें। 

  • अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की नई कार्ययोजना पर अभी से शुरू कर दें तैयारियां

मुख्यमंत्री जी ने बैठक में वित्त विभाग को निर्देश दिये कि आगामी अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर अभी से सभी विभागों के साथ बैठक कर बजट मांग की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि आगामी बजट को विभाग आवंटित करने से पहले उनके पिछले पांच वर्ष के खर्च के आकंलन की समीक्षा करें। उन्होंने निर्देश दिये कि वित्त विभाग नई कार्ययोजना को लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दे। वहीं केंद्र सरकार से आगामी बजट आवंटन को लेकर बेहतर समन्वय बनाएं ताकि समय से केंद्र सरकार से बजट मिल सके।

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