Sambhal: नियमों से नहीं, समझाइश से सुधार, डीएम ने बिना चालान दिलवाए हेलमेट।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सम्भल को जीरो एक्सीडेंट जिला बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सम्भल को जीरो एक्सीडेंट जिला बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में नए साल के पहले दिन कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने सड़क सुरक्षा माह का विधिवत शुभारंभ किया। डीएम ने सड़क सुरक्षा जागरूकता से जुड़ी मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को ट्रैफिक नियमों के पालन की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी स्वयं सड़क पर उतरे और हाइवे से बिना हेलमेट गुजर रहे करीब 100 दोपहिया वाहनों को रुकवाया। नए साल का पहला दिन होने के कारण डीएम ने चालान की कार्रवाई न करते हुए मानवीय पहल दिखाई, लेकिन सभी चालकों को मौके पर ही हेलमेट खरीदने के निर्देश दिए। साथ ही सख्त हिदायत दी कि भविष्य में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने दोपहिया चालकों को हेलमेट की अनिवार्यता बताते हुए कहा कि हेलमेट केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का साधन है। वहीं चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने की सलाह दी और कहा कि छोटी-सी सावधानी बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकती है। डीएम ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान जिले भर में जागरूकता अभियान, चेकिंग और जनसहभागिता के माध्यम से दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि आमजन के सहयोग से सम्भल को दुर्घटना मुक्त जिला बनाया जा सके।
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