फास्टैग के लिए KYV प्रक्रिया 1 फरवरी से समाप्त, वाहन मालिकों को बार-बार वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कार, जीप और वैन श्रेणी के वाहनों के लिए नए फास्टैग जारी करने पर नो योर व्हीकल यानी KYV प्रक्रिया को

Jan 2, 2026 - 15:44
78 Views
फास्टैग के लिए KYV प्रक्रिया 1 फरवरी से समाप्त, वाहन मालिकों को बार-बार वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। 
pic- AI

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कार, जीप और वैन श्रेणी के वाहनों के लिए नए फास्टैग जारी करने पर नो योर व्हीकल यानी KYV प्रक्रिया को 1 फरवरी 2026 से समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव से फास्टैग एक्टिवेशन के बाद वाहन मालिकों को होने वाली परेशानी और देरी दूर हो जाएगी। अब नए फास्टैग के लिए KYV की कोई आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय जारीकर्ता बैंक फास्टैग एक्टिवेशन से पहले ही सभी वेरिफिकेशन पूरा कर लेंगे।

यह बदलाव कार, जीप और वैन जैसे निजी वाहनों के लिए लागू होगा। पहले फास्टैग जारी होने और एक्टिव होने के बाद भी KYV के लिए दस्तावेज अपलोड करने या वेरिफिकेशन कराने की जरूरत पड़ती थी, जिससे कई बार टोल प्लाजा पर दिक्कत होती थी। अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से एक्टिवेशन से पहले पूरी हो जाएगी। बैंक VAHAN डेटाबेस से वाहन विवरण की जांच अनिवार्य रूप से करेंगे। यदि VAHAN में विवरण उपलब्ध नहीं होता है, तो रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के आधार पर जांच की जाएगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक की होगी। ऑनलाइन खरीदे जाने वाले फास्टैग पर भी यही नियम लागू होंगे। बैंक सभी जांच पूरी करने के बाद ही फास्टैग एक्टिव करेंगे। इससे ग्राहकों को एक्टिवेशन के बाद बार-बार फॉलो-अप या दस्तावेज अपलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह कदम फास्टैग सिस्टम को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने की दिशा में है। मौजूदा फास्टैग धारकों के लिए भी राहत है। पहले से जारी फास्टैग पर नियमित रूप से KYV अनिवार्य नहीं रहेगा। KYV केवल विशेष मामलों में होगा, जैसे गलत जारी होना, दुरुपयोग या ढीला फास्टैग होने की शिकायत आने पर। यदि कोई शिकायत नहीं है, तो मौजूदा फास्टैग पर कोई अतिरिक्त KYV नहीं कराना पड़ेगा।

यह बदलाव लाखों वाहन मालिकों के लिए सुविधा बढ़ाएगा, क्योंकि पहले वैध दस्तावेज होने के बावजूद पोस्ट-एक्टिवेशन KYV के कारण देरी और परेशानी होती थी। अब बैंक प्री-एक्टिवेशन वैलिडेशन को मजबूत करेंगे, जिसमें VAHAN डेटाबेस से अनिवार्य जांच शामिल है। पोस्ट-एक्टिवेशन वैलिडेशन की पुरानी व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। फास्टैग जारी करने वाले बैंक अब पूरी जिम्मेदारी के साथ वाहन विवरण की जांच करेंगे। यदि VAHAN में डेटा नहीं मिलता है, तो रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से जांच होगी। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से खरीदे फास्टैग पर यह नियम लागू होगा। इससे टोल प्लाजा पर निर्बाध यात्रा सुनिश्चित होगी। नए नियम से फास्टैग एक्टिवेशन प्रक्रिया सरल हो जाएगी। वाहन मालिकों को अब बार-बार दस्तावेज अपलोड या वेरिफिकेशन की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। बैंक सभी जरूरी जांच एक्टिवेशन से पहले पूरा कर लेंगे। यह बदलाव 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा और केवल कार, जीप, वैन श्रेणी के लिए है।

मौजूदा फास्टैग यूजर्स को यदि कोई शिकायत नहीं है, तो कोई अतिरिक्त प्रक्रिया नहीं करानी पड़ेगी। केवल शिकायत आधारित मामलों में ही KYV होगा। यह व्यवस्था सिस्टम की सटीकता बनाए रखते हुए उपयोगकर्ताओं की सुविधा बढ़ाएगी। यह निर्णय फास्टैग इकोसिस्टम को अधिक विश्वसनीय बनाने का हिस्सा है। बैंक VAHAN या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से वेरिफिकेशन पूरा करेंगे। इससे पोस्ट-एक्टिवेशन फॉलो-अप पूरी तरह खत्म हो जाएगा। नए और मौजूदा दोनों यूजर्स को लाभ मिलेगा। समग्र रूप से 1 फरवरी 2026 से नए फास्टैग पर KYV प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी और बैंक प्री-एक्टिवेशन में सभी जांच करेंगे। मौजूदा फास्टैग पर नियमित KYV नहीं होगा। यह बदलाव वाहन मालिकों को बार-बार अपडेट की जरूरत से मुक्ति देगा।

Also Read- कमर्शियल वाहनों के लिए बड़ा बदलाव- AIS 140 मानक के तहत GPS ट्रैकिंग अनिवार्य, 31 अक्टूबर 2025 तक पुराने वाहनों में इंस्टॉलेशन जरूरी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow