यूपी में कृषि विकास को मिली रफ्तार, सरकार ने जारी किए 268.47 करोड़ रुपये, आधुनिक तकनीक और बीज गुणवत्ता पर जोर
उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि विकास, बीज गुणवत्ता नियंत्रण और आधुनिक तकनीक प्रसार के लिए 268.47 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। जानिए प्रमुख योजनाओं का विवरण।
उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण, किसानों की आय संवर्धन और गुणवत्तापूर्ण संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शासन ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र की पूंजीगत योजनाओं, उन्नत प्रसार गतिविधियों, बीज गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र और कृषि शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कुल 268.47 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की है। इस वित्तीय आवंटन का प्राथमिक लक्ष्य प्रदेश के किसानों तक आधुनिक कृषि उपकरण, उन्नत व प्रमाणित बीज और संस्थागत मार्गदर्शन का सीधा लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है।
जारी की गई वित्तीय मंजूरियों के अंतर्गत सबसे बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना को दिया गया है। इसके तहत जिला और राज्य स्तरीय कृषि योजनाओं की पूंजीगत मदों के लिए कुल 133.76 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त आधुनिक प्रसार माध्यमों और नई तकनीकों को खेत-खलिहानों तक पहुंचाने के लिए सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के तहत केंद्रीय और राज्य अंश को मिलाकर 66.55 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस धनराशि से किसानों को नई पद्धतियों, फसल सुरक्षा और आधुनिक प्रबंधन का नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों और संबंधित कृषक परिवारों के समग्र उत्थान के लिए विशेष घटक योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के पूंजीगत कार्यों हेतु 39.82 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसी वर्ग के लिए कृषि प्रसार गतिविधियों के विस्तार के क्रम में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना में 17.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं पर्यावरण संरक्षण और किसानों की अतिरिक्त आय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित कृषि वानिकी (एग्रो फॉरेस्ट्री) से जुड़ी योजनाओं के लिए विभिन्न मदों को मिलाकर 6.43 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रमाणित और शुद्ध बीजों की भूमिका को अनिवार्य मानते हुए बीज गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए 3.12 करोड़ रुपये और बीज व रोपण सामग्री सब मिशन के तहत 1.16 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है, जिससे बाजार में नकली और घटिया बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही कृषि से जुड़ी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के विस्तार के लिए अंबेडकरनगर स्थित महामाया कृषि अभियंत्रण एवं तकनीकी महाविद्यालय परिसर के निर्माण कार्यों को पूर्ण करने हेतु द्वितीय किस्त के रूप में 12.50 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं।
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