यूपी के 75 जिलों में उल्लास नवभारत साक्षरता परीक्षा संपन्न: 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने परखा अपना ज्ञान, केंद्रों का हुआ सघन निरीक्षण
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में उल्लास साक्षरता परीक्षा संपन्न हुई। परिषदीय स्कूलों, जेलों और सुधार गृहों में 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने मूल्यांकन में भाग लिया।
लखनऊ। समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाने और औपचारिक शिक्षा से वंचित वयस्कों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर में बुनियादी साक्षरता परीक्षा का वृहद स्तर पर आयोजन किया गया। प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्थापित परीक्षा केंद्रों पर परिषदीय विद्यालयों, कारागारों तथा बाल सुधार गृहों के पंद्रह वर्ष व उससे अधिक आयु वर्ग के लगभग 5 लाख 10 हजार नवसाक्षरों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस परीक्षा के जरिए शिक्षार्थियों के बुनियादी पठन-पाठन कौशल और दैनिक जीवन में उपयोगी संख्यात्मक समझ का मूल्यांकन किया गया।
परीक्षा को पारदर्शी, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर निगरानी की पुख्ता व्यवस्था की गई थी। भारत सरकार से आई विशेष पर्यवेक्षक टीम ने चंदौली और जौनपुर जनपदों के परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और परीक्षा संचालन पर संतोष व्यक्त किया। वहीं प्रदेश स्तर पर साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा निदेशालय तथा राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न जनपदों में मोर्चा संभाला। शिक्षा निदेशक बेसिक व साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा अनिल भूषण चतुर्वेदी ने राजधानी लखनऊ के विभिन्न केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त उप निदेशक नीलम ने प्रतापगढ़ तथा सहायक निदेशक प्रतिमा मिश्रा ने सोनभद्र में केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा।
इस राष्ट्रव्यापी अभियान का प्रमुख ध्येय पंद्रह वर्ष या उससे अधिक आयु के उन नागरिकों को साक्षर बनाना है जो बुनियादी अक्षर और अंक ज्ञान से दूर रह गए थे। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए 75 प्रतिशत महिला तथा 25 प्रतिशत पुरुष भागीदारी का लक्ष्य तय किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान समूचे उत्तर प्रदेश में कुल दस लाख असाक्षरों को साक्षर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का व्यापक लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसकी दिशा में यह मूल्यांकन परीक्षा एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
What's Your Reaction?







