UP News: पिछड़े वर्ग के हुनर को नई पहचान, योगी सरकार में 'श्री अन्न कला बोर्ड' के गठन पर मंथन

उत्तर प्रदेश में भुर्जी, भोजवाल और भड़भूजा समाज के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए 'श्री अन्न कला बोर्ड' के गठन पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में मंथन हुआ।

By INA News Desk
Aug 19, 2026 - 22:18
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UP News: पिछड़े वर्ग के हुनर को नई पहचान, योगी सरकार में 'श्री अन्न कला बोर्ड' के गठन पर मंथन
  • योगी सरकार में पिछड़े वर्गों के पारंपरिक हुनर को मिलेगा नया मुकाम, ‘श्री अन्न कला बोर्ड’ के गठन पर मंथन
  • भुर्जी, भोजवाल और भड़भूजा समाज के सशक्तीकरण की पहल कर रही योगी सरकार
  • अनाज भूनने वाले पारंपरिक कारीगरों को संरक्षण, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की तैयारी 
  • ऋण और सब्सिडी के जरिए पारंपरिक व्यवसाय को मिलेगा प्रोत्साहन, आत्मनिर्भर यूपी को बढ़ावा
  • श्री अन्न कला बोर्ड से ओडीओपी की परिकल्पना को मिलेगी मजबूती, स्थानीय हुनर को मिलेगा बाजार
  • विश्वकर्मा कल्याण आयोग और कौशल विकास बोर्ड को लेकर चार राज्यों से जुटाई जाएगी जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर योगी सरकार की नीतियों को आगे बढ़ाने की दिशा में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने महत्वपूर्ण पहल की है। आयोग की मासिक बैठक में पारंपरिक अनाज भूनने वाले भुर्जी, भोजवाल और भड़भूजा समाज के कारीगरों के हितों को ध्यान में रखते हुए श्री अन्न कला बोर्ड के गठन के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। बोर्ड के गठन का उद्देश्य पारंपरिक हुनर से जुड़े लोगों को संरक्षण देने के साथ उन्हें आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, ऋण, सब्सिडी और बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।

लखनऊ स्थित आयोग के कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता राज्य पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने की। बैठक में पिछड़ा वर्ग के लिए संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर भी चर्चा हुई।

पारंपरिक हुनर को मिलेगा संस्थागत संरक्षण

आयोग में प्राप्त एस.के. सिंघानिया के पत्र पर विचार करते हुए पारंपरिक रूप से अनाज भूनने वाले भुर्जी, भोजवाल और भड़भूजा समाज के लोगों के लिए श्री अन्न कला बोर्ड गठित किए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। प्रस्ताव के तहत इस पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े लोगों को उनके हुनर के संरक्षण के साथ खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने, आसान ऋण एवं सब्सिडी उपलब्ध कराने और उत्पादों के लिए बाजार मुहैया कराने की दिशा में काम किया जा सकता है। श्री अन्न कला बोर्ड के गठन की परिकल्पना को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और सरकार की एक जनपद एक उत्पाद जैसी योजनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।

अन्य राज्यों से जुटाई जाएगी जानकारी

बैठक में विश्वकर्मा एकीकरण अभियान संस्था की ओर से विश्वकर्मा समाज की सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित करने संबंधी पत्र पर भी विचार किया गया। विश्वकर्मा कल्याण आयोग/विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के गठन के संबंध में मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और हरियाणा राज्यों से जानकारी प्राप्त कर आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए आयोग के सचिव को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर

आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि अन्य पिछड़े वर्गों की आयोग में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग तक पहुंचाने हेतु कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली सहित आयोग के सदस्य मौजूद रहे।

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