यूपी के परिषदीय स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा की तारीखें घोषित: 17 से 21 नवंबर तक कक्षा 1 से 8 की परीक्षाएं, दिशा-निर्देश जारी
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने कक्षा 1 से 8 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी किया। 17 से 21 नवंबर तक होंगी परीक्षाएं, पढ़ें गाइडलाइंस।
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता के सुदृढ़ीकरण और विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र के अंतर्गत परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। निर्धारित समयसारिणी के अनुसार परीक्षाएं 17 नवंबर से 21 नवंबर तक आयोजित की जाएंगी। परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को परीक्षाएं पूरी निष्पक्षता, शुचिता और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं।
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के लिए मॉडल प्रश्नपत्र जनपद स्तर पर तैयार किए जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे तय समयसीमा के भीतर प्रश्नपत्रों का मुद्रण कराकर उन्हें सुरक्षित तरीके से विद्यालयों तक पहुंचाएं। इसके साथ ही परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों की पूर्ण गोपनीयता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है।
कक्षावार परीक्षा के प्रारूप में विभिन्न स्तरों के अनुसार व्यवस्था की गई है। कक्षा एक के नन्हे विद्यार्थियों के लिए अर्द्धवार्षिक परीक्षा केवल मौखिक माध्यम से ली जाएगी। कक्षा दो, तीन, चार और पांच के विद्यार्थियों के लिए लिखित और मौखिक दोनों प्रकार के परीक्षण आयोजित किए जाएंगे। वहीं कक्षा छह से आठ तक के उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों की परीक्षाएं पूरी तरह लिखित रूप में संपन्न होंगी। पाठ्यक्रम में शामिल हिंदी, गणित, अंग्रेजी, संस्कृत या उर्दू, सामाजिक विषय, कला, संगीत, विज्ञान तथा पर्यावरण अध्ययन जैसे सभी प्रमुख विषयों का मूल्यांकन तय मानकों के आधार पर किया जाएगा।
परीक्षाओं के समापन के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था तय की गई है। पुस्तिकाओं के सुरक्षित रख-रखाव और परीक्षा परिणामों को समयबद्ध तरीके से घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने स्पष्ट किया कि सभी जनपदों में विभागीय नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए, ताकि छात्रों की वास्तविक शैक्षिक प्रगति का सटीक आकलन सुनिश्चित हो सके।
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