स्पीड, स्केल और कनेक्टिविटी ने बदली यूपी की तस्वीर: सीएम योगी ने गिनाईं उपलब्धियां, 10 एक्सप्रेसवे और 7 शहरों में मेट्रो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास पर अपनी बात रखी। प्रदेश में 10 एक्सप्रेसवे, 17 एयरपोर्ट और 7 शहरों में मेट्रो संचालित।
उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में वर्ष 2017 के बाद आए संरचनात्मक बदलावों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'स्पीड, स्केल और कनेक्टिविटी' के मंत्र ने राज्य की विकास गाथा को नई दिशा दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक सड़कें, रेल मार्ग और हवाई संपर्क केवल भौगोलिक दूरियां कम करने का साधन नहीं हैं, बल्कि ये जनसामान्य के लिए समय की बचत, जीवन की सुगमता और आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोलते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि 2017 से पूर्व राज्य में इन बुनियादी जीवन रेखाओं की स्थिति चिंताजनक थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित विकास नीतियों के परिणामस्वरूप संपर्क तंत्र का व्यापक विस्तार हुआ है। वर्ष 2017 से पहले सर्वाधिक आबादी वाले इस राज्य में केवल डेढ़ एक्सप्रेसवे मौजूद थे, जबकि वर्तमान समय में 10 एक्सप्रेसवे के नेटवर्क से औद्योगिक और व्यावसायिक आवागमन को अभूतपूर्व गति मिल रही है। हवाई संपर्क के क्षेत्र में चुनिंदा उड़ानों की जगह अब 12 घरेलू और 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ राज्य देश के प्रमुख विमानन केंद्रों के रूप में स्थापित हो रहा है। इसके साथ ही, जहां पहले एक भी शहर में आधुनिक नगरीय रेल सेवा नहीं थी, वहीं आज 7 प्रमुख शहरों में मेट्रो रेल प्रणाली शहरी आबादी को तीव्र और सुगम परिवहन उपलब्ध करा रही है।
परिवहन और ढांचागत सुधारों के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुगम कनेक्टिविटी से अन्नदाताओं की उपज को बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच मिल रही है और स्थानीय उद्यमों को नया संबल प्राप्त हुआ है। सुदृढ़ सड़क और रेल तंत्र से युवाओं के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों और रोजगार केंद्रों तक आवागमन आसान हुआ है, जबकि कामकाजी वर्ग के यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई है।
धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों तक आसान पहुंच होने से राज्य में पर्यटन उद्योग का तेजी से विस्तार हुआ है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था, छोटे व्यापारियों और आजीविका से जुड़े परिवारों को मिल रहा है। गांव से लेकर कस्बों और महानगरों तक बुनियादी ढांचे के इस विस्तार ने संतुलित विकास का मार्ग प्रशस्त किया है, जिससे प्रत्येक क्षेत्र को प्रगति के समान अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
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