यूपी का बजट अब एक क्लिक पर: वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने लॉन्च की नई वेबसाइट, चैटबॉट से मिलेंगे सवालों के जवाब
उत्तर प्रदेश सरकार ने नवीनीकृत बजट वेबसाइट लॉन्च की है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पोर्टल शुरू किया, जहां बजट आंकड़े, शासनादेश और चैटबॉट सुविधा उपलब्ध है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के बजट, वित्तीय आंकड़ों और शासनादेशों को आम नागरिकों, शोधार्थियों और जनप्रतिनिधियों के लिए अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रदेश की नवीनीकृत बजट वेबसाइट का विधिवत शुभारंभ किया। इस डिजिटल मंच के माध्यम से राज्य के बजट से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज, नियम, वित्तीय आंकड़े और जरूरी दिशा-निर्देश अब एक ही स्थान पर व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराए गए हैं।
इस आधुनिक पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता इसमें जोड़ा गया चैटबॉट है, जिसकी मदद से उपयोगकर्ता बजट और वित्तीय व्यवस्था से जुड़े जटिल प्रश्नों के त्वरित और सटीक उत्तर प्राप्त कर सकेंगे। पोर्टल पर राज्य के वार्षिक बजट के अलावा एफआरबीएम अधिनियम, आकस्मिकता निधि नियमावली, विभिन्न आरक्षित कोषों में जमा शेष धनराशि और उत्तर प्रदेश कार्य नियमावली से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं।

पारदर्शिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार से मिलने वाली वित्तीय मदद, केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी तथा पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के लिए बजट में तय किए गए अनुदानों का पूरा ब्योरा भी वेबसाइट पर देखा जा सकता है। इसके साथ ही पिछले एक दशक से अधिक समय की वित्तीय स्वीकृतियों से जुड़े शासनादेशों को भी पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं की सुविधा के लिए वेबसाइट पर उत्तर प्रदेश राज्य आर्थिक सर्वेक्षण, बजट की रूपरेखा तथा भारत का संविधान हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पढ़ने के लिए उपलब्ध है। बजट से जुड़े वीडियो और दृश्य माध्यम भी इस पोर्टल पर देखे जा सकेंगे। चालू वित्तीय वर्ष के मूल बजट और बीते वर्षों के प्रमुख वित्तीय संकेतकों का तुलनात्मक विश्लेषण भी वेबसाइट का हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा पिछले 10 वर्षों के दौरान वित्त मंत्रियों द्वारा दिए गए बजट भाषणों का संग्रह भी डिजिटल रूप में संरक्षित किया गया है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव वित्त दीपक कुमार, सचिव संदीप कौर, पंधारी यादव तथा विशेष सचिव आलोक दीक्षित सहित विभाग के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल राज्य में डिजिटल सुशासन, वित्तीय पारदर्शिता और सूचनाओं की सुगम पहुंच को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।
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