यूपी में 5,047 केंद्रों पर धान खरीद जारी: 48 घंटे में सीधे खाते में भुगतान, ₹5 में मिलेगा भरपेट भोजन- मनोज कुमार पाण्डेय
यूपी के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने बताया कि 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद लक्ष्य हेतु 5,047 केंद्र सक्रिय हैं। अन्नपूर्णा रसोई में ₹5 में भोजन मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट किया है कि अन्नदाता किसानों को उनकी उपज का उचित व लाभकारी मूल्य, अधिकतम 48 घंटे में पारदर्शी भुगतान और पात्र लाभार्थियों को बिना किसी घटतौली के निर्धारित मात्रा में पूरा राशन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश की खाद्यान्न खरीद नीति और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी, बिचौलिया-मुक्त और जवाबदेह बनाया गया है।
खाद्य एवं रसद मंत्री ने जानकारी दी कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कॉमन श्रेणी के लिए ₹2,441 तथा ग्रेड-ए के लिए ₹2,461 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। प्रदेश में तय 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के सापेक्ष 5,047 क्रय केन्द्र पूरी सक्रियता से संचालित किए जा रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 01 नवम्बर 2026 से खरीद विधिवत जारी है। अब तक 7,230 किसानों से 40,447 मीट्रिक टन धान क्रय कर पीएफएमएस (PFMS) प्रणाली के जरिए लगभग ₹50 करोड़ का सीधा भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा चुका है।

विगत वर्षों के तुलनात्मक आंकड़े साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2012-13 से 2016-17 की अवधि में केवल 14.87 लाख किसानों से 123.61 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर ₹17,190.85 करोड़ दिए गए थे। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2017-18 से 2025-26 के मध्य 80.39 लाख किसानों से रिकॉर्ड 528.39 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर ₹99,733.10 करोड़ का भुगतान डीबीटी से किया गया। इसी तरह गेहूँ खरीद में भी ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज करते हुए वर्ष 2017-18 से 2026-27 के दौरान 55.89 लाख किसानों को ₹51,550.10 करोड़ की एमएसपी राशि का भुगतान किया गया है। सरकार धान और गेहूं के साथ-साथ 'श्री अन्न' (बाजरा, ज्वार एवं मक्का) उत्पादक किसानों को भी एमएसपी का पूरा लाभ दिला रही है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के संबंध में मंत्री ने कहा कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की घटतौली या अवैध वसूली पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने राशन कोटेदारों (उचित दर विक्रेताओं) को राहत देते हुए दीपावली से पूर्व उनका लाभांश कमीशन सीधे बैंक खातों में भेजने के निर्देश दिए। प्रदेश में आधुनिक सुविधाओं से युक्त 8,753 अन्नपूर्णा भवन तैयार हो चुके हैं और 2,573 भवन निर्माणाधीन हैं, जहां लाभार्थियों के लिए बैठने, पेयजल, गुड़ एवं पेठे की समुचित व्यवस्था की गई है।
इसके अतिरिक्त, प्रदेश की प्रमुख कृषि मंडियों, श्रमिक बस्तियों और निर्धन क्षेत्रों में 'अन्नपूर्णा रसोई' स्थापित की जा रही है, जिसके माध्यम से जरूरतमंदों, किसानों व श्रमिकों को मात्र पाँच रुपये में भरपेट पौष्टिक भोजन सुलभ कराया जाएगा। मंत्री ने बताया कि व्यवस्था की शुचिता परखने के लिए वे स्वयं प्रति सप्ताह औचक निरीक्षण कर रहे हैं और जनहित की योजनाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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