UP Export Growth: ब्रिक्स और सहयोगी देशों में यूपी के उत्पादों का दबदबा, दर्ज हुआ ₹47,484 करोड़ का रिकॉर्ड निर्यात
उत्तर प्रदेश ने ब्रिक्स व सहयोगी देशों को ₹47,484 करोड़ का निर्यात दर्ज किया है, जो राज्य के कुल निर्यात का 23.7% है। यूएई, सऊदी अरब और वियतनाम प्रमुख आयातक बने हैं।
- UP Trade Update: उत्तर प्रदेश के कुल निर्यात में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी 23.7 फीसदी पहुंची, यूएई और वियतनाम बने सबसे बड़े खरीदार
- Yogi Govt Industrial Vision: वैश्विक बाजार में छाई यूपी की औद्योगिक ताकत, ब्रिक्स व पार्टनर मुल्कों में मशीनरी, परिधान और आभूषणों की भारी मांग
- BRICS Summit Impact: नई दिल्ली सम्मेलन के बीच चमकी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, 21 देशों तक पहुंचा ₹47 हजार करोड़ से अधिक का माल
उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय विनिर्माण, विदेशी निवेश और वैश्विक व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रयासों के बीच राज्य के अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े उल्लेखनीय आंकड़े सामने आए हैं। उपलब्ध निर्यात प्रोफाइल के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने ब्रिक्स (BRICS) के सदस्य देशों और उनके सहयोगी (पार्टनर) राष्ट्रों को कुल ₹47,484 करोड़ का माल निर्यात किया है। यह आंकड़ा राज्य के लगभग ₹2 लाख करोड़ के कुल वार्षिक निर्यात का 23.7 प्रतिशत बैठता है। कुल निर्यात में से ₹34,811 करोड़ का सामान सीधे ब्रिक्स के 11 मूल सदस्य देशों को भेजा गया, जबकि ₹12,673 करोड़ का निर्यात समूह से जुड़े सहयोगी और भागीदार देशों को किया गया। यह उपलब्धि दर्शाती है कि राज्य के औद्योगिक और पारंपरिक उत्पाद अब पारंपरिक पश्चिमी बाजारों की सीमाओं से बाहर निकलकर पश्चिम एशिया, अफ्रीका, यूरेशिया और लैटिन अमेरिका के उभरते बाजारों में मजबूती से अपनी पैठ बना रहे हैं।
वैश्विक मंच पर नई दिल्ली शिखर सम्मेलन और व्यापारिक अवसर
भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण और वैकल्पिक व्यापारिक साझेदारियों पर बल दे रही हैं। ब्रिक्स समूह दुनिया की कुल आबादी के एक बड़े हिस्से और विशाल उपभोक्ता बाजार का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे रणनीतिक मोड़ पर उत्तर प्रदेश से होने वाला यह निर्यात राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए नए आयाम खोल रहा है। राज्य से बड़े पैमाने पर खाद्य प्रसंस्कृत उत्पाद, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, परिधान, आभूषण, चमड़े के सामान और भारी यांत्रिक उपकरणों की आपूर्ति की जा रही है, जिनकी मांग इन विकासशील व ऊर्जा संपन्न देशों में तेजी से बढ़ रही है।
11 सदस्य और 10 सहयोगी देशों तक फैली यूपी की आपूर्ति
विस्तारित ब्रिक्स प्रारूप में वर्तमान में 11 प्रमुख सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें भारत के अलावा ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं। इसके साथ ही 10 अन्य देशों बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाखस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम को पार्टनर या सहयोगी देशों के तौर पर जोड़ा गया है।
उत्तर प्रदेश के निर्यातकों ने इन सभी 21 भौगोलिक बाजारों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। यह विविधता इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश के विनिर्माता केवल कुछ चुनिंदा देशों पर आश्रित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच जोखिम को संतुलित करते हुए नए उपभोक्ता केंद्रों तक सीधी पहुंच बना रहे हैं।
सदस्य देशों में संयुक्त अरब अमीरात शीर्ष पर
ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों की सूची में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है। राज्य ने अकेले यूएई को ₹15,133 करोड़ मूल्य की वस्तुओं का निर्यात किया, जो ब्रिक्स सदस्य देशों को होने वाले कुल निर्यात का 43.5 प्रतिशत है। इसके बाद खाड़ी क्षेत्र के दूसरे बड़े बाजार सऊदी अरब का स्थान है, जिसे ₹4,938 करोड़ का निर्यात किया गया।
उत्तरी अफ्रीका के प्रमुख देश मिस्र को ₹3,848 करोड़, दक्षिण-पूर्व एशिया के बड़े बाजार इंडोनेशिया को ₹2,670 करोड़ और चीन को ₹2,497 करोड़ का माल भेजा गया। लैटिन अमेरिकी देश ब्राजील को ₹2,209 करोड़, दक्षिण अफ्रीका को ₹1,690 करोड़ तथा रूस को ₹1,584 करोड़ का निर्यात दर्ज किया गया। पश्चिम एशिया के ईरान को ₹131 करोड़ और अफ्रीकी देश इथियोपिया को ₹110 करोड़ का निर्यात किया गया। खाड़ी देश जहां मुख्य रूप से कृषि, खाद्य और परिधान उत्पादों के बड़े खरीदार हैं, वहीं चीन, रूस और ब्राजील जैसे औद्योगिक देश मशीनरी और तकनीकी उपकरणों का आयात कर रहे हैं।
ब्रिक्स सदस्य देशों को उत्तर प्रदेश का निर्यात
| देश | निर्यात मूल्य (करोड़ रुपये में) | कुल ब्रिक्स सदस्य निर्यात में हिस्सेदारी |
| संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | ₹15,133 | 43.5% |
| सऊदी अरब | ₹4,938 | 14.2% |
| मिस्र | ₹3,848 | 11.1% |
| इंडोनेशिया | ₹2,670 | 7.7% |
| चीन | ₹2,497 | 7.2% |
| ब्राजील | ₹2,209 | 6.3% |
| दक्षिण अफ्रीका | ₹1,690 | 4.8% |
| रूस | ₹1,584 | 4.5% |
| ईरान | ₹131 | 0.4% |
| इथियोपिया | ₹110 | 0.3% |
| कुल (सदस्य देश) | ₹34,811 | 100% |
सहयोगी देशों में वियतनाम और मलेशिया की मजबूत मांग
ब्रिक्स के सहयोगी और पार्टनर देशों की श्रेणी में दक्षिण-पूर्व एशियाई देश वियतनाम उत्तर प्रदेश के उत्पादों का सबसे बड़ा आयातक रहा। वियतनाम को कुल ₹5,949 करोड़ का निर्यात किया गया, जो पार्टनर देशों के कुल निर्यात का 46.9 प्रतिशत हिस्सा है। इसके उपरांत मलेशिया को ₹3,740 करोड़ का निर्यात किया गया, जिसकी हिस्सेदारी 29.5 प्रतिशत रही।
मध्य एशिया के उज्बेकिस्तान को ₹1,339 करोड़, दक्षिण-पूर्व एशिया के थाईलैंड को ₹733 करोड़ और पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजीरिया को ₹730 करोड़ का माल भेजा गया। इसके अतिरिक्त युगांडा को ₹114 करोड़, कजाखस्तान को ₹49 करोड़, बोलीविया को ₹10 करोड़ और बेलारूस को ₹8 करोड़ का निर्यात हुआ। इन बाजारों में उत्तर प्रदेश से मुख्य रूप से चमड़ा, प्रोसेस्ड मीट, कृषि उत्पाद और हल्के इंजीनियरिंग सामान भेजे जा रहे हैं।
ब्रिक्स सहयोगी (पार्टनर) देशों को निर्यात
| सहयोगी देश | निर्यात मूल्य (करोड़ रुपये में) | हिस्सेदारी प्रतिशत |
| वियतनाम | ₹5,949 | 46.9% |
| मलेशिया | ₹3,740 | 29.5% |
| उज्बेकिस्तान | ₹1,339 | 10.6% |
| थाईलैंड | ₹733 | 5.8% |
| नाइजीरिया | ₹730 | 5.8% |
| युगांडा | ₹114 | 0.9% |
| कजाखस्तान | ₹49 | 0.4% |
| बोलीविया | ₹10 | 0.1% |
| बेलारूस | ₹8 | 0.1% |
| कुल (सहयोगी देश) | ₹12,673 | 100% |
किन वस्तुओं का हुआ सबसे अधिक निर्यात?
निर्यात बास्केट के वस्तुवार विश्लेषण से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश अब केवल पारंपरिक कच्चे माल का आपूर्तिकर्ता नहीं रहा, बल्कि मूल्य संवर्धित (Value-added) और इंजीनियरिंग उत्पादों में भी आगे बढ़ रहा है।
ब्रिक्स के सदस्य देशों को निर्यात की गई प्रमुख वस्तुओं में:
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इलेक्ट्रिकल मशीनरी एवं उपकरण: ₹3,894 करोड़
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परिधान एवं वस्त्र सहायक सामग्री (Readymade Garments): ₹2,527 करोड़
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मशीनरी एवं यांत्रिक उपकरण: ₹2,494 करोड़
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कीमती व अर्द्धकीमती पत्थर, धातुएं एवं आभूषण: ₹2,378 करोड़
वहीं, ब्रिक्स के सहयोगी देशों को भेजे गए उत्पादों में:
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इलेक्ट्रिकल मशीनरी एवं उपकरण: ₹928 करोड़
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मशीनरी एवं यांत्रिक उपकरण: ₹539 करोड़
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एल्युमिनियम एवं संबंधित उत्पाद: ₹302 करोड़
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चमड़ा एवं चमड़े से निर्मित वस्तुएं: ₹280 करोड़
नीतिगत सुधार और बुनियादी ढांचे का प्रभाव
राज्य के निर्यात में इस निरंतर वृद्धि के पीछे बुनियादी ढांचे के तेज विस्तार को प्रमुख कारण माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे का विस्तृत नेटवर्क, जेवर और अयोध्या सहित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का विकास, इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) की स्थापना और फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ाव ने उत्तर प्रदेश से बंदरगाहों तक माल ढुलाई के समय और लागत को काफी घटाया है।
इसके अतिरिक्त, राज्य की क्लस्टर-आधारित नीतियों, 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत वित्तीय और विपणन सहायता तथा व्यापार करने की सुगमता (Ease of Doing Business) ने छोटे उद्यमियों को निर्यातक बनने के लिए प्रेरित किया है। वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए राज्य सरकार अब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणीकरण, आधुनिक पैकेजिंग, फाइटोसैनिटरी टेस्टिंग लैब और डिजिटल कस्टम क्लीयरेंस जैसी सुविधाओं को जिला स्तर तक पहुंचाने पर बल दे रही है।
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