यूपी में ओवरस्पीडिंग पर चला ‘ऑपरेशन सेफ स्पीड’: 6,777 वाहनों पर 1.38 करोड़ का जुर्माना, यमुना एक्सप्रेसवे पर सर्वाधिक चालान

उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे और हाईवे पर चले 'ऑपरेशन सेफ स्पीड' में 6,777 वाहनों के चालान काटे गए। तेज रफ्तार वाहनों पर 1.38 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा।

By INA News Desk
Oct 29, 2026 - 21:51
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यूपी में ओवरस्पीडिंग पर चला ‘ऑपरेशन सेफ स्पीड’: 6,777 वाहनों पर 1.38 करोड़ का जुर्माना, यमुना एक्सप्रेसवे पर सर्वाधिक चालान
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उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और हादसों में होने वाली जनहानि को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए पुलिस प्रशासन ने तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के यातायात निदेशालय की अगुवाई में राज्य के तमाम प्रमुख एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर 'ऑपरेशन सेफ स्पीड' नाम से विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। दो चरणों में संपन्न हुई इस कार्रवाई के दौरान गति सीमा का उल्लंघन करने वाले कुल 6,777 वाहनों के ई-चालान जारी किए गए और नियम तोड़क वाहन चालकों पर कुल 1 करोड़ 38 लाख 32 हजार 500 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया।

पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की पहल और अपर पुलिस महानिदेशक यातायात ए. सतीश गणेश के पर्यवेक्षण में यह विशेष अभियान संचालित हुआ। इसके अंतर्गत प्रदेश के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स, टोल प्लाजा और खुले एक्सप्रेसवे मार्गों पर अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को तैनात कर वाहनों की वास्तविक गति की निगरानी की गई। तय मानकों से अधिक रफ्तार में दौड़ती पाई गई गाड़ियों पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी तंत्र के जरिए तत्काल चालान की कार्रवाई की गई।

विशेष जांच अभियान के दौरान सबसे अधिक उल्लंघन यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्ज किए गए। यहां सर्वाधिक 3,116 वाहनों के चालान काटकर कुल 66 लाख 98 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया। इसके बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 1,289 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 24 लाख 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर 537 वाहनों से 11 लाख 82 हजार 500 रुपये और गंगा एक्सप्रेसवे पर 553 वाहनों के चालान कर 9 लाख 40 हजार रुपये की दंडात्मक राशि दर्ज की गई।

इसी क्रम में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 497 गाड़ियों के चालान के साथ 9 लाख 94 हजार रुपये, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 348 वाहनों पर 6 लाख 96 हजार रुपये, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 214 वाहनों पर 4 लाख 28 हजार रुपये और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 103 चालान कर 2 लाख 28 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा गोरखपुर-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे पर 90 गाड़ियों पर 1 लाख 88 हजार रुपये और कानपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर 30 चालान कर 60 हजार रुपये का जुर्माना किया गया।

यातायात अधिकारियों के अनुसार अनियंत्रित रफ्तार सड़क दुर्घटनाओं का सबसे प्रमुख कारण बनती है, जिससे टक्कर की स्थिति में बचने की संभावना बेहद कम हो जाती है। इस अभियान का उद्देश्य केवल राजस्व वसूलना या चालान काटना नहीं, बल्कि चालकों को नियंत्रित गति से वाहन चलाने और सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक करना है। प्रशासन ने साफ किया है कि एक्सप्रेसवे पर सफर को सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक कैमरों और इंटरसेप्टर वाहनों की निरंतर तैनाती जारी रहेगी ताकि नियमों की अनदेखी पर त्वरित लगाम कसी जा सके।

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